बांदा : गणेश वंदना के बीच द्रौपदी पर आधारित नृत्य नाटिका ‘अग्निसुता’ ने मचाई धूम

बांदा : समूचे जनपद में गणेश महोत्सव की धूम मची हुई है। जगह-जगह गणपति पंडालों में जहां लोगों पर भगवान गजानन के प्रति भक्ति का रंग चढ़ा हुआ है, वहीं शहर के अलीगंज स्थित गणेश भवन में आयोजित 103वें गणेश महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच भगवान गणेश की आराधना का दौर चल रहा है। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाल गंगाधर तिलक द्वारा शुरू किए गए बांदा के गणेश महोत्सव का रंग समूचे शहर के लोगों पर चढ़कर बोल रहा है।

शहर के अलीगंज स्थित गणेश भवन में आयोजित 103वां गणेश महोत्सव धीरे-धीरे अपने शबाब पर आता जा रहा है। नूतन बाल समाज के तत्वावधान में आयोजित गणेश महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार की रात नृत्य कला गृह के बाल कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए समूचे माहौल को भक्तिमय बना दिया। नृत्य कला गृह की संचालिका, नृत्य गुरु श्रद्धा निगम के निर्देशन में बाल कलाकारों ने गणेश वंदना से कार्यक्रम का आगाज किया और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए समां बांध दिया।

नृत्य कला गृह की बाल कलाकारों ने जब महाभारत काल की द्रौपदी पर आधारित अग्निसुता नृत्य नाटिका प्रस्तुत की तो दर्शकों से खचाखच भरे पंडाल में सन्नाटा छा गया। कलाकारों के प्रस्तुतिकरण को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। द्रौपदी के यज्ञवेदी से उत्पन्न होने के बाद से लेकर उसके जीवन संघर्षों पर आधारित अग्निसुता नृत्य नाटिका ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी और नृत्य नाटिका के समापन पर काफी देर तक पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट होती रही।

द्रौपदी का किरदार निभाने वाली कलाकार शुभी ने अपने अभिनय कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया और द्रौपदी के किरदार को जीवंत कर दिया। इसके बाद बाल कलाकारों ने राधा-कृष्ण की बाल लीलाओं का मोहक मंचन किया और नारी जयते नृत्य नाटिका के जरिए महिला सशक्तिकरण का प्रेरक संदेश दिया।

नृत्य नाटिका समेत विभिन्न कार्यक्रमों में शुभी गुप्ता, श्रुति साहू, स्वप्निल सक्सेना, साधना श्रीवास्तव, पूजा श्रीवास्तव, रक्षा मिश्रा, अनामिका, मीनाक्षी सिंह, अग्रिमा श्रीवास्तव, प्रिशा कक्कड़, विभूति, जयति, अवनि, अन्नपूर्णा, अपराजिता, अदिति श्रीवास्तव, अनाया ठाकुर, शांभवी यादव, आरना त्रिपाठी, माही, शान्वी सिंह, पर्णिका, अदिति, सौम्या पटेल, शानवी यादव आदि शामिल रहीं। नृत्य निर्देशन श्रद्धा निगम एवं संपादन का कार्य कर्ण निगम ने किया।

नारी सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण थी द्रौपदी : श्रद्धा

महाभारत की मुख्य नायिका द्रौपदी पर आधारित नृत्य नाटिका अग्निसुता में जहां द्रौपदी के जीवन संघर्षों को प्रदर्शित किया गया, वहीं द्रौपदी को नारी सशक्तिकरण के जीवंत उदाहरण के रूप में पेश किया गया है। नृत्य नाटिका के माध्यम से द्रौपदी के मजबूत चरित्र और आत्मनिर्भरता को वर्तमान परिवेश की महिलाओं से जोड़ा जाना चाहिए।

नृत्य निर्देशिका श्रद्धा निगम ने बताया कि द्रौपदी की पीड़ा केवल महाभारत काल की ही नहीं बल्कि सर्वकालिक है। उन्होंने नृत्य नाटिका के माध्यम से द्रौपदी के दृष्टिकोण से महाभारत पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है। द्रौपदी की जीवनगाथा आज की महिलाओं को अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने के लिए प्रेरित करती है।

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