Bahraich : नेपालगंज में बिना प्रचार-प्रसार लागू हुआ नया नियम, अनजान भारतीय पर्यटक हो रहे परेशान

  • जमुनहा बॉर्डर पर रूट परमिट की व्यवस्था नहीं, ट्रैफिक पुलिस कर रही सीधे चालान

Rupaidiha, Bahraich : नेपाल–भारत सीमा के जमुनहा बॉर्डर से प्रवेश करने वाले भारतीय वाहनों के लिए नेपालगंज यातायात व्यवस्था कार्यालय द्वारा दो दिन पूर्व नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है, लेकिन न तो इसका कोई प्रचार-प्रसार किया गया और न ही सीमा क्षेत्र में किसी प्रकार की सार्वजनिक सूचना, होर्डिंग या पोस्टर लगाए गए हैं। सीमा पर तैनात कर्मियों द्वारा भी गाड़ी इंट्री के समय यात्रियों को नई व्यवस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे भारतीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पहले तक भारतीय वाहनों को भंसार कराने के बाद नेपालगंज स्थित यातायात व्यवस्था कार्यालय में शुल्क जमा कर रूट परमिट लेना होता था। यह जानकारी सीमा क्षेत्र के स्थानीय लोगों को तो रहती थी, लेकिन दूर-दूर से आने वाले भारतीय नागरिकों को इस नियम की जानकारी प्रायः नहीं होती थी। अब नए नोटिफिकेशन के अनुसार भंसार के साथ-साथ गाड़ी इंट्री के समय भी रूट परमिट अनिवार्य कर दिया गया है, जिसकी सूचना आम यात्रियों तक पहुंच ही नहीं पाई है।

सबसे बड़ी समस्या यह है कि जमुनहा बॉर्डर पर रूट परमिट बनवाने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। परमिट बनवाने के लिए यात्रियों को नेपालगंज के एकांत क्षेत्र में स्थित यातायात व्यवस्था कार्यालय तक जाना पड़ता है, जिसे पहली बार आने वाले भारतीय पर्यटक ढूंढ भी नहीं पाते। रास्ता न मिलने के कारण अधिकांश यात्री परमिट नहीं बनवा पाते और जैसे ही वे शहर में प्रवेश करते हैं, नेपालगंज ट्रैफिक पुलिस नियम उल्लंघन का आरोप लगाकर उन पर भारी जुर्माना लगा देती है।

भारतीय पर्यटकों का आरोप है कि पर्यटन बढ़ाने के नाम पर नेपालगंज में समय-समय पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन भारतीय पर्यटकों के आने पर उन्हें सुविधाएं देने के बजाय नियमों की आड़ में परेशान किया जा रहा है। एक तरफ पर्यटन को बढ़ावा देने की बातें होती हैं, दूसरी तरफ बिना सूचना दिए नियम लागू कर पर्यटकों से चालान वसूला जा रहा है।

पर्यटकों और भारतीय वाहन चालकों की मांग है कि बॉर्डर पर स्पष्ट होर्डिंग, पोस्टर और नोटिस लगाए जाएं, इंट्री पॉइंट पर ही रूट परमिट की व्यवस्था की जाए, पहली बार आने वाले यात्रियों को नियमों की पूरी जानकारी दी जाए और बिना सूचना दिए अचानक चालान करने की कार्रवाई रोकी जाए। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस मुद्दे पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया तो इससे न केवल भारत–नेपाल संबंधों पर व्यावहारिक प्रभाव पड़ेगा, बल्कि नेपालगंज आने वाले पर्यटकों की संख्या पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

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