
बहराइच, रुपईडीहा। इंडो-नेपाल बॉर्डर से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-927 हल्की बारिश में ही तालाब बन जाता है। हर बरसात में यही हाल होता है, जिससे स्थानीय लोग और व्यापारी परेशान हैं।
दुकानदारों का कहना है कि जलभराव से ग्राहकों की आवाजाही रुक जाती है, गंदगी और बदबू फैलती है, कारोबार पर सीधा असर पड़ता है। वहीं, राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को सड़क पार करने में भारी दिक्कत होती है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनएचएआई के कर्मचारी सिर्फ खानापूर्ति करते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकालते।
वर्षों से शिकायतों और अखबारों में खबरें छपने के बावजूद हालात जस के तस हैं।स्थानीय नागरिकों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि समस्या का ठोस समाधान निकाला जाए, ताकि लोगों को हर बरसात में इस मुसीबत से निजात मिल सके।
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