
- रुपईडीहा में 40 बच्चों को मिल रही निःशुल्क शिक्षा , ठंड से बचाव हेतु मोजे भी वितरित
Rupaidiha, Bahraich : भारत नेपाल सीमा क्षेत्र में तैनात इमीग्रेशन उपनिरीक्षक आशुतोष दुबे इन दिनों अपने कर्तव्यों से इतर एक मानवीय पहल को लेकर क्षेत्र में सराहे जा रहे हैं। दशहरा बाग वार्ड, रुपईडीहा में उन्होंने शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए निःशुल्क अध्ययन केंद्र की शुरुआत कर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ड्यूटी के बाद प्रतिदिन समय निकालकर आशुतोष दुबे लगभग 40 बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाते हैं। इनमें विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राएं शामिल हैं। पढ़ाई के लिए आवश्यक किताबें, ब्लैकबोर्ड, चॉक और अन्य शैक्षणिक सामग्री उन्होंने स्वयं की ओर से उपलब्ध कराई है।
पढ़ाने के इस प्रयास में बच्चों को हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित और विज्ञान जैसे विषय सरल और रुचिकर तरीके से समझाए जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहल उन परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो संसाधनों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं करवा पा रहे थे। ठंड के मौसम को देखते हुए आशुतोष दुबे ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए सभी 40 बच्चों को मोजे वितरित किए। यह छोटी सी पहल बच्चों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई, जिसे पाकर उनके चेहरे खिल उठे। इस सामाजिक प्रयास की नगर पंचायत रुपईडीहा के अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर वैश्य, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल सहित कई सामाजिक संगठनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि जब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इस प्रकार समाज के लिए आगे आते हैं, तो बदलाव की वास्तविक शुरुआत होती है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह पहल न केवल बच्चों के भविष्य को मजबूत कर रही है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति एक नई चेतना भी जगा रही है।













