
Baghpat : बागपत में कूड़े के ढेर को लेकर राजनीति गरमाई हुई है। कूड़े के ढेर का सही निस्तारण न करने को लेकर शिकायतें की जा रही हैं। वहीं, नगर पालिका चेयरमैन राज़ुद्दीन ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि हमारे यहां पहले एमआरएफ नहीं था और जगह की बहुत बड़ी किल्लत थी। उस समय के तत्कालीन जिलाधिकारी ने ग्राम समाज की भूमि दिलवाई थी, तभी जाकर नगर पालिका का कूड़ा वहां पर डाला गया था।
उन्होंने यह भी बताया कि उस समय कूड़े के ढेर के निस्तारण को लेकर एक कंपनी को टेंडर दिया गया था। उस कंपनी की जिम्मेदारी थी कि उस कूड़े के ढेर का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए, और वही किया गया। चेयरमैन ने यह भी कहा कि बागपत से कूड़ा उठाकर शामली के किसी मिल में भेजा गया था, जहां उसका निस्तारण किया गया। उसके बाद, पॉल्यूशन विभाग, जल निगम और संबंधित विभागों ने बागपत नगर पालिका को एक सर्टिफिकेट भी दिया है, जिसमें कूड़े के ढेर का सही तरीके से निस्तारण दर्शाया गया है।
चेयरमैन राज़ुद्दीन ने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल के बाद, अपर जिला अधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान के कार्यकाल में भी कई भुगतान हुए और उन्होंने सही तरीके से ही कूड़े के ढेर का निस्तारण कराया। जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था, उसकी जिम्मेदारी 5 साल तक थी, और उसकी 5 साल की गारंटी भी समाप्त हो चुकी है। अब, कूड़ा करने से वहां सोना नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि कुछ लोग खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली बात कर रहे हैं।
बागपत नगर पालिका चेयरमैन ने यह भी बताया कि जिस कूड़े के ढेर की बात की जा रही है, उस पर अग्रवाल मंडी टटीरी नगर पंचायत ने भी अपना कूड़ा डाला था। उसे भी उस समय के जिलाधिकारी से कहकर कूड़ा डालना बंद करवाया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी शिकायतें बाजी की जा रही हैं।
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