
- यात्रियों को मिलेगा अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं समयबद्ध रेल संचालन का लाभ
Jhansi : मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के कुशल मार्गदर्शन में झाँसी मंडल में रेल संरक्षा एवं परिचालन दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सिथौली –ग्वालियर–बिरलानगर खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया है।
ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने से अब ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे कम दूरी पर भी सुरक्षित रूप से संचालित की जा सकेंगी। इससे खंड की लाइन क्षमता में वृद्धि होगी तथा ट्रेनों की समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही इस तकनीक से ट्रेन संचालन के दौरान मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित हो सकेगी।

परियोजना के अंतर्गत कठिन भू-भाग में कुल तीन ब्लॉक सेक्शन एक ही दिन में चालू किए गए, जो एक उल्लेखनीय तकनीकी उपलब्धि है। सिथौली, ग्वालियर एवं बिरलानगर स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को उन्नत किया गया है, जिससे सिग्नल संचालन अधिक सटीक, तेज़ और भरोसेमंद हो गया है। इस खंड में 49 अत्याधुनिक ट्रैक डिटेक्शन उपकरण (MSDAC) स्थापित किए गए हैं, जो ट्रेनों की स्थिति का सटीक पता लगाते हैं।
इसके अतिरिक्त, 16 सिग्नलों को उन्नत कर चार पहलू वाला बनाया गया है, जिससे लोको पायलट को दूर से ही स्पष्ट संकेत प्राप्त होते हैं और ट्रेन की गति तथा नियंत्रण में सुधार होता है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक झाँसी मंडल के दिल्ली–चेन्नई मेन लाइन रूट पर कुल 14 ब्लॉक सेक्शन (104.15 किमी) ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली के अंतर्गत चालू किए जा चुके हैं। प्रोजेक्ट यूनिट झाँसी द्वारा की गई इस कमीशनिंग से देलवाड़ा से मुरैना तक 218 किमी का खंड पूर्ण रूप से ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली में परिवर्तित हो चुका है। मुरैना–सिकरोदा–हितमपुर सेक्शन फरवरी 2026 में तथा दैलवाड़ा–ललितपुर–जीरोन सेक्शन (ललितपुर यार्ड रीमॉडलिंग सहित) मार्च 2026 में पूर्ण करने की योजना है।

मंडल रेल प्रबंधक/झांसी मंडल अनिरुद्ध कुमार
इस परियोजना को अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) नन्दीश शुक्ल, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रास्ट्रक्चर) पी. पी. शर्मा, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक जे. संजय कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (Co.) आशुतोष चौरसिया, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (Co.) नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (ML) आशीष श्रीवास्तव तथा डिप्टी चीफ सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (प्रोजेक्ट) मयंक अग्रवाल के सक्रिय सहयोग से पूर्ण किया गया।













