
Mumbai : मशहूर संगीतकार ए आर रहमान एक बार फिर मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में विवादों में आ गए हैं। बीते दिनों दिए गए एक इंटरव्यू में रहमान ने कहा कि उन्हें फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में धीरे-धीरे सांप्रदायिक भावना का प्रभाव बढ़ते हुए महसूस हो रहा है। उनके इस बयान के बाद अब कई सेलेब्स, लेखक और संगीतकार अपने रिएक्शन दे रहे हैं।
AR Rahman ने क्या कहा?
ए आर रहमान ने बीबीसी एशियन को दिए इंटरव्यू में इंडस्ट्री में काम की कमी और सांप्रदायिकता को लेकर खुलकर बात की। उनके बयानों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
पीठ पीछे कानाफूसी और कम काम
रहमान ने कहा कि बीते आठ साल में उन्हें इंडस्ट्री में टैलेंट के दम पर पर्याप्त अवसर नहीं मिले। “कुछ लोग सामने तो कुछ नहीं बोलते, लेकिन पीछे से कानाफूसी करते हैं। म्यूजिक इंडस्ट्री की कमान ऐसे हाथों में है जो न तो क्रिएटिव हैं और न ही क्रिएटिविटी को समझते हैं। इसके अलावा, धर्म भी काम न मिलने का एक कारण बन रहा है।”
सांप्रदायिक भावना का बढ़ता प्रभाव
रहमान ने कहा कि धीरे-धीरे फिल्म और संगीत की दुनिया पर सांप्रदायिक भावना हावी होती दिखाई दे रही है और इसका असर उनके काम पर भी पड़ रहा है।

फिल्म ‘छावा’ पर टिप्पणी
रहमान ने कहा कि फिल्म छावा एक बांटने वाली फिल्म है। उन्होंने इसे लोगों के बीच विभाजन का फायदा उठाने वाली फिल्म बताया, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फिल्म का मकसद बहादुरी दिखाना था।

सेलेब्स और विशेषज्ञों के रिएक्शन
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा:
“प्रिय रहमान जी, मुझे फिल्म इंडस्ट्री में पक्षपात और भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन मैंने आपके जैसा पूर्वाग्रही और नफरत करने वाला इंसान नहीं देखा। मैंने आपको अपनी फिल्म इमरजेंसी की कहानी सुनाने की कोशिश की, लेकिन आपने मिलने से मना कर दिया। यह दुखद है कि आपने अपनी नफरत में अंधे होकर ऐसा किया।”
लेखक जावेद अख्तर ने इस विवाद पर कहा
“मैंने कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं किया। मुंबई में मैं कई लोगों से मिलता हूं, और सभी के मन में रहमान के लिए इज्जत है। छोटे प्रोड्यूसर उनसे संपर्क करने में घबराते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यहां कोई सांप्रदायिक एंगल है।”
गायक शान:
गायक शान ने कहा कि इंडस्ट्री में साम्प्रदायिकता बिल्कुल नहीं है। उनका कहना था कि संगीतकार का चयन केवल म्यूजिक की मांग और टैलेंट के आधार पर होता है, न कि धर्म के आधार पर।
शोभा डे ने ANI को दिए बयान में कहा-
“मैं 50 साल से बॉलीवुड में हूं, लेकिन ऐसा कभी महसूस नहीं हुआ। ये इंडस्ट्री टैलेंट पर आधारित है, धर्म पर नहीं। ए आर रहमान एक सफल और परिपक्व इंसान हैं, मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा।”
गायक हरिहरन:
हरिहरन ने कहा कि इंडस्ट्री में ऐसे लोग होने चाहिए जो म्यूजिक को पैसों के बजाय कला के दृष्टिकोण से प्राथमिकता दें। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि म्यूजिक केवल पैसा कमाने का जरिया बन जाए, तो भविष्य क्या होगा, ये सब जानते हैं।
यह भी पढ़े : धमाल 4’ की रिलीज डेट आगे बढ़ी, मेकर्स ने किया बड़ा ऐलान















