
Maharashtra : महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान राजनीतिक बयानबाजी का ताप बढ़ गया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे और तमिलनाडु भाजपा नेता अन्नामलाई के बीच विवाद ने मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब राज ठाकरे ने अन्नामलाई को ‘रसमलाई’ कहकर मजाक उड़ाया। ठाकरे ने कहा था, “कुछ दिन पहले, तमिलनाडु से कोई ‘रसमलाई’ मुंबई आया है। तुम्हारा यहां क्या संबंध है? हटाओ लुंगी, बजाओ पुंगी।” उन्होंने अन्नामलाई के मुंबई से जुड़े मुद्दों पर बोलने के अधिकार पर भी सवाल उठाए।
राज ठाकरे के इस तंज के बाद अन्नामलाई ने तीखी प्रतिक्रिया दी। चेन्नई से अपने बयान में अन्नामलाई ने कहा, “कुछ लोगों ने लिखा है कि अगर मैं मुंबई आया तो मेरे पैर काट दिए जाएंगे। मैं मुंबई आऊंगा… हिम्मत है तो मेरे पैर काटकर दिखाओ। अगर मैं इन धमकियों से डरता, तो अपने गांव में ही रहता। मैं किसान का बेटा होने पर गर्व महसूस करता हूं और नासमझ लोगों की धमकियों से डरने वाला नहीं हूं।”
अन्नामलाई ने यह भी कहा कि उन्हें कई धमकियां मिली हैं, जिसमें कुछ लोगों ने उनके पैरों को काटने की चेतावनी दी। उन्होंने राज ठाकरे और आदित्य ठाकरे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक गालियाँ देना है।
राज ठाकरे के विवादित बयान और यूपी-बिहार प्रवासियों पर टिप्पणी
इससे पहले राज ठाकरे ने मुंबई में मनसे-यूबीटी की संयुक्त रैली के दौरान महाराष्ट्र में हिंदी थोपने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “अगर यूपी और बिहार के लोग हिंदी थोपने की कोशिश करेंगे, तो मैं उन्हें महाराष्ट्र से लात मारकर बाहर निकाल दूंगा। यह मराठी मानूस की जमीन और पहचान के खिलाफ है।”
राज ठाकरे ने मुंबई और महाराष्ट्र के मुद्दों पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक पुनर्मिलन इसलिए हुआ क्योंकि मुंबई पर मंडरा रहे खतरे और भाजपा के “भ्रष्टाचार पहले, देश बाद में” वाले रवैये से मराठी वोट बैंक को सतर्क करने की जरूरत है।
मनसे-यूबीटी संयुक्त रैली की मुख्य बातें
- उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने नगर निगम चुनावों से पहले संयुक्त रैली कर राजनीतिक एकजुटता का संदेश दिया।
- रैली में मराठी मानूस, हिंदू और महाराष्ट्र के हित को केंद्र में रखते हुए भाजपा पर तीखा हमला किया गया।
- उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर ‘नकली हिंदुत्व’ और ‘नकली राष्ट्रवाद’ का आरोप लगाया।
- उद्धव ने अन्नामलाई के बयान का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या भाजपा मुंबई का नाम बदलकर ‘बॉम्बे’ करना चाहती है।
- राज ठाकरे ने कहा कि यह मराठी मानूस के लिए आखिरी चुनाव है और वोटर अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सावधानी बरते।
मुंबई में बीएमसी चुनाव से पहले यह विवाद और बयानबाजी राजनीतिक माहौल को गरमा रही है और राज्य के चुनावी रणक्षेत्र में नए रुझानों का संकेत दे रही है।















