85 लाख एनपीएस कार्मिकों में आक्रोश : यूनिफाइड पेंशन योजना का पूर्ण रूप से होगा विरोध- बी पी सिंह रावत

  • ओपीएस, एनपीएस और यूपीएस के जरिए कर्मचारीगण को अलग अलग बंटाने का हो रहा प्रयास
  • वन नेशन-वन एलेक्शन तो वन नेशन वन पेंशन क्यों नहीं

मिर्जापुर।  केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को एनपीएस के बाद यूपीएस यूनिफाइड पेंशन योजना का विकल्प दिया है, जिसको 1 अप्रैल 2025 से लागू करने का निर्णय लिया है। इस यूपीएस को लेकर देश के 85 लाख एनपीएस कार्मिकों में आक्रोश है।

राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने दो टूक कहा है कि एनपीएस यूपीएस अगर इतना ही अच्छा है, तो सबसे पहले विधायक-सांसद को इसका लाभ दिया जाए। कर्मचारियों को यूपीएस काला कानून किसी भी हाल में स्वीकार नहीं है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस दोनों कर्मचारियों के लिए घातक है। यूपीएस पूरी तरह से काला कानून है, जिसमें कर्मचारियों को कोई भी लाभ दिखाई नहीं दे रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने कहा है कि यूपीएस यूनिफाइड पेंशन योजना में न वीआरएस स्वैछींक सेवा निवृत का प्रभावधान है। न ही कार्मिकों के अंशदान की गारंटी है और न ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ है। यहां तक कि पचास प्रतिशत अंतिम मूल वेतन का पेंशन के रूप में मिलना इसके आंकलन करने का गुणा भाग करने का नियम भी पूरी तरह से तोड़ मरोड़ कर बना रखा है, जिसको समझना भी मुश्किल होगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने कहा है कि मांग की थी पुरानी पेंशन की और केंद्र सरकार ने दे दिया यूपीएस, जो कि सिर्फ उलझाने वाला मुद्दा हो गया है, जिससे देश के कार्मिकों को मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बांट कर रख दिया है।

आज मोदी सरकार ने देश के करोड़ों कार्मिकों को तीन भागों में बांट दिया है ओपीएस, एनपीएस, और यूपीएस जिससे कर्मचारी अलग अलग हो जाए जिससे कर्मचारियों में टूट पड़ जाए लेकिन कर्मचारी टूटने वाला नहीं है कर्मचारी यूपीएस यूनिफाइड पेंशन योजना का विरोध करने के लिए 23 मार्च दिल्ली जंतर मंतर पर एकजुट हो रहा है, जिसके लिए तैयारियां तेजी से हो रही है। 

बी पी सिंह रावत ने कहा कि देश को एनपीएस और यूपीएस से बहुत नुकसान हो रहा है आर्थिक नुकसान के साथ साथ कार्मिक योगदान का भी नुकसान हो रहा है जिसको मोदी सरकार को गंभीरता पूर्वक समझना होगा, क्योंकि कार्मिक एनपीएस और यूपीएस की चिंता में अपना अधिक समय दे रहा है शरीर से अपने कार्यस्थल पर है लेकिन मन से वह अपनी पेंशन की लड़ाई में है जिस पर विचार करने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस यूनिफाइड पेंशन योजना के विरोध के साथ साथ केंद्र सरकार का विरोध भी किया जाएगा मोदी सरकार का विरोध किया जाएगा मोदी सरकार कर्मचारियों के हित में फैसला न लेकर यूपीएस काला कानून जबरदस्ती लाखों कार्मिकों के ऊपर थोपने का काम कर रही इसके लिए देश की सड़को पर बड़े आंदोलन कार्यक्रम किए जाएंगे जिसमें देश के सभी कार्मिक संगठनों को एकजुट होने के लिए आह्वान किया है। 

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