मुरादाबाद में सियासी तूफान- शक्ति प्रदर्शन के बीच प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की खामोशी बनी चर्चा का विषय

मुरादाबाद। रामनगर से पार्टी कार्यक्रम निपटाकर लौट रहे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी जैसे ही विधायक रामवीर ठाकुर के साथ मुरादाबाद की सीमा में दाखिल हुए, पूरा माहौल अचानक सियासी शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।

मुंडापांडे-दलपतपुर जीरो प्वाइंट पर सैकड़ों कार्यकर्ता, पार्टी के वरिष्ठ नेता, ढोल-नगाड़े, फूल-मालाएं और गगनभेदी नारे प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में गूंज उठे। पूरे इलाके में उत्साह और जोश का माहौल था।

लेकिन इसी स्वागत के बीच एक घटना ने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया। जब मीडिया ने सपा के श्यामलाल यादव के विवादित बयान पर सवाल दागे, तो माहौल अचानक बदल गया। कैमरों के सामने पंकज सिंह सवालों से बचते नजर आए, हाथ जोड़ते हुए आगे बढ़ गए और किसी भी सवाल का जवाब दिए बिना काफिले के साथ निकल गए।

प्रदेश अध्यक्ष की यह खामोशी अब सबसे बड़ा सियासी संकेत बन गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या पार्टी के भीतर नई रणनीति पर चुपचाप काम चल रहा है? क्या किसी बड़े चेहरे की भूमिका बदलने वाली है? क्या जल्द कोई बड़ा सियासी ऐलान होने वाला है? या फिर यह पूरा घटनाक्रम संगठन और सत्ता के लिए अलार्म बेल है?

प्रदेश अध्यक्ष का मीडिया से दूरी बनाना यह साफ संकेत है कि मामला सामान्य नहीं, बल्कि बेहद संवेदनशील और हाई-लेवल है। लखनऊ से मुरादाबाद तक सियासत उबाल पर है और हर निगाह इस बात पर टिकी है कि इस खामोशी के पीछे छुपा सच कब सामने आएगा

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