
लखीमपुर-खीरी।
जनपद में बीते कुछ माह पूर्व शुरू हुए सनशाइन ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड टेस्टिंग सेंटर की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस ड्राइविंग टेस्ट सेंटर का उद्घाटन जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की उपस्थिति में किया गया था और जिसे पारदर्शी व तकनीकी रूप से सुदृढ़ व्यवस्था बताया गया था, उसी केंद्र पर ड्राइविंग टेस्ट के नाम पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और अभ्यर्थियों से दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र के संचालन के कुछ ही समय बाद से अभ्यर्थियों के बीच इसकी कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष पनपने लगा था। आरोप है कि टेस्ट प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा और कई मामलों में अभ्यर्थियों को जानबूझकर असफल घोषित किया जाता है।

टेस्ट के दौरान मनमानी का आरोप
गोला गोकर्णनाथ निवासी आयुष मिश्रा ने आरोप लगाया कि 24 दिसंबर 2025 को आर टी ओ कार्यालय में फेस वेरिफिकेशन के बाद उन्हें इसी सेंटर पर ड्राइविंग टेस्ट के लिए भेजा गया। चार पहिया वाहन के परीक्षण के दौरान कथित तौर पर सिग्नल लाइट को जानबूझकर अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे निर्धारित समय-सीमा प्रभावित हुई और उन्हें फेल कर दिया गया। शिकायत के अनुसार, ड्राइविंग टेस्ट के लिए उन्हें अत्यंत पुराना, तकनीकी रूप से अयोग्य और निर्धारित मानकों के विपरीत वाहन दिया गया। इससे यह आशंका और प्रबल हो गई कि टेस्ट निष्पक्ष न होकर पूर्व नियोजित ढंग से कराया गया। जब अभ्यर्थी ने इन अनियमितताओं पर आपत्ति जताई तो कथित तौर पर उसके साथ असंवेदनशील व दुर्व्यवहारपूर्ण व्यवहार किया गया। इन घटनाओं से सेंटर में भ्रष्टाचार, लापरवाही और संभावित मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
पहली तहरीर बेअसर, आई जी आर एस पर दर्ज हुई शिकायत
पीड़ित द्वारा पहले भी संबंधित कार्यालय में तहरीर दी गई, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई न होने पर उसने शासन के आइजीआरएस पोर्टल पर दोबारा शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के तहत मामला दर्ज होने के बाद सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन), लखीमपुर-खीरी ने सेंटर प्रबंधन से स्पष्टीकरण तलब किया है। लोगों का कहना है कि डीएम को स्वयं मामले का संज्ञान लेकर ड्राइविंग टेस्ट सेंटर की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों के साथ इस प्रकार की कथित अनियमितताएं न हों।










