अग्नीवीर नहीं कर सकेंगे शादी, पर्मानेंट होने के लिए मानने होंगे सेना के ये नियम

Agniveer Marriage Rules : भारतीय सेना ने अग्निवीर योजना को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। इस योजना के तहत चयनित अग्निवीरों के परमानेंट सेवा में बने रहने और सेना में स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया को लेकर नई नीतियों का ऐलान किया गया है। सेना का मानना है कि सेवा के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि सेना की क्षमता और समर्पण को बरकरार रखा जा सके।

सेना का नया निर्देश: विवाह पर लगाया प्रतिबंध

सेना ने स्पष्ट किया है कि सेवा के दौरान अग्निवीर को विवाह करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि वे इस अवधि में शादी कर लेते हैं, तो उनका स्थायी सैनिक बनने का अवसर समाप्त हो जाएगा। साथ ही, सेवा से बाहर निकलने के बाद भी यदि वे विवाह करते हैं, तो उनके स्थायी सैनिक बनने की प्रक्रिया रुक जाएगी।

सेवा अवधि और डिस्चार्ज की योजना

जानकारी के अनुसार, जून और जुलाई 2026 में करीब 20,000 से अधिक अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से डिस्चार्ज किया जाएगा। इन अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत सबसे योग्य उम्मीदवारों का ही चयन स्थायी सैनिक के रूप में किया जाएगा। यह चयन उनके पिछले चार वर्षों के रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट और प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

शादी से जुड़ी सख्त नीतियां

सेना ने शादी और सेवा के बीच संबंध को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनााई है। नई नीति के तहत:

  • सेवा के दौरान: 4 साल की सेवा अवधि के दौरान कोई भी अग्निवीर शादी नहीं कर सकता।
  • चयन प्रक्रिया के दौरान: डिस्चार्ज होने के बाद, और फाइनल परिणाम आने से पहले (करीब 4-6 महीने) भी उम्मीदवार को अविवाहित रहना होगा।
  • अयोग्यता: यदि कोई अग्निवीर इन नियमों का उल्लंघन करता है और शादी करता है, तो उसे तुरंत अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा, चाहे उसकी मिलिट्री रिकॉर्ड कितनी भी शानदार क्यों न हो।

आयु सीमा और प्रशिक्षण

अग्निवीरों की भर्ती 17.5 से 21 वर्ष की उम्र के बीच होती है। वे लगभग 25 साल की उम्र में सेवा से बाहर हो जाते हैं। सेना का तर्क है कि शुरुआती वर्षों में कठिन ट्रेनिंग और सामरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सैनिक का मानसिक रूप से पूरी तरह समर्पित होना आवश्यक है। अतः सेवा के शुरुआती वर्षों में अविवाहित रहना अनुशासन बनाए रखने का अनिवार्य हिस्सा है।

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