
Agniveer : भारतीय सेना ने जून 2022 में भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अग्निपथ योजना लागू की थी। इस योजना के तहत 4 साल की अल्पकालिक सेवा के लिए युवाओं की भर्ती की जाती है, जिन्हें अग्निवीर कहा जाता है। अग्निवीरों का पहला बैच वर्ष 2026 में रिटायर होने जा रहा है। इसके साथ ही यह सवाल भी तेज हो गया है कि रिटायरमेंट के बाद अग्निवीरों को क्या सुविधाएं मिलेंगी और वे किन आधारों पर अन्य सरकारी नौकरियों में वरीयता हासिल कर सकेंगे।
अग्निपथ योजना के प्रावधानों के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी नियुक्ति दी जाएगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवा से मुक्त होकर समाज की मुख्यधारा में लौटेंगे। इन रिटायर्ड अग्निवीरों को केंद्रीय और राज्य सरकार की विभिन्न भर्तियों में प्राथमिकता देने के लिए नियम बनाए गए हैं। बीएसएफ, यूपी पुलिस समेत कई राज्यों ने अपनी भर्ती प्रक्रियाओं में रिटायर्ड अग्निवीरों को वरीयता देने की घोषणा की है।
रिटायरमेंट के बाद मिलेगा अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट
भारतीय सेना की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी करने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को रिटायरमेंट के समय ‘अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट’ प्रदान किया जाएगा। यह एक विस्तृत कौशल प्रमाणपत्र होगा, जिसमें सेवा के दौरान अग्निवीर द्वारा अर्जित किए गए तकनीकी, शारीरिक और व्यावसायिक कौशल के साथ-साथ उनकी दक्षता स्तर का उल्लेख होगा। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर अग्निवीर विभिन्न सरकारी और निजी नौकरियों में आवेदन कर सकेंगे और वरीयता का लाभ उठा पाएंगे।
क्या रिटायरमेंट के बाद अग्निवीर कहलाएंगे पूर्व सैनिक?
सेना से सेवानिवृत्त जवानों को पूर्व सैनिक का दर्जा मिलता है, जिसके तहत उन्हें कैंटीन (CSD) और आजीवन चिकित्सा जैसी सुविधाएं प्राप्त होती हैं। हालांकि, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों को लेकर स्थिति स्पष्ट है। सेना की गाइडलाइंस के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को पूर्व सैनिक का दर्जा नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें रिटायरमेंट के बाद CSD कैंटीन और सैन्य चिकित्सा सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिलेगा।
संक्षेप में, अग्निवीरों को रिटायरमेंट के बाद पूर्व सैनिक की सुविधाएं तो नहीं मिलेंगी, लेकिन उन्हें मिलने वाला स्किल सर्टिफिकेट उनके भविष्य के करियर के लिए एक मजबूत आधार बनेगा। इसी के जरिए वे विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण और वरीयता का लाभ उठाकर नई शुरुआत कर सकेंगे।















