
Dhar Bhojshala : सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। इस दिन सूर्योदय के साथ ही मंदिर में मां वाग्देवी का पूजन शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत वेदारंभ संस्कार के साथ हुई है। वहीं, दोपहर में एक से तीन बजे के बीच परिसर में मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा करेंगे।
धार भोजशाला में हिंदू और मुस्लिम एक साथ
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों समुदाय के कार्यक्रम पृथक-पृथक स्थानों पर होंगे, ताकि पूजा-अर्चना निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सके। इस दिशा में प्रशासन ने स्वयं सर्वेक्षण कर स्थल की तलाश की है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से भी नक्शा प्राप्त किया है। दोनों समुदाय के प्रतिनिधियों की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें हिंदू समाज संतुष्ट है और मुस्लिम समाज से भी चर्चा की गई है। यदि मुस्लिम समुदाय सहमत नहीं होता है, तो प्रशासन स्वयं स्थल का निर्णय लेगा।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि हिंदू समाज पूर्व परंपरा के अनुसार पूजा करेगा, और कोर्ट का निर्देश है कि प्रवेश-निकासी अलग-अलग होनी चाहिए। परिसर में अन्य स्थान भी उपलब्ध हैं, जिन्हें स्थानीय प्रशासन कानून व्यवस्था को देखते हुए स्वयं तय कर सकता है। अगर, दोनों पक्षों की सहमति बन जाती है, तो ठीक है, नहीं तो प्रशासन स्थान तय करेगा। इससे पहले, भोजशाला मुक्ति यज्ञ के पदाधिकारी भी कह चुके हैं कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा शांतिपूर्ण और निर्विघ्न रूप से संपन्न होगी।
दोपहर में आयोजित होगी धर्म सभा
सुबह साढ़े दस बजे लालबाग से भोजशाला तक शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद दोपहर साढ़े बारह बजे धर्म सभा आयोजित होगी, जिसमें विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और सनातनी अखाड़ा के संयोजक स्वामी स्वदेशानंद गिरी महाराज प्रमुख वक्ता के रूप में भाग लेंगे। इसके बाद, दोपहर एक बजकर 15 मिनट पर महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
धार जिले में इस आयोजन की सुरक्षा के लिए लगभग 8000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 1000 से अधिक महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। 13 आईपीएस अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व कर रहे हैं, साथ ही 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी भी तैनात हैं। इसके अलावा, 107 नगर निरीक्षक और उप निरीक्षक, 393 अन्य अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। भोजशाला के आसपास 300 मीटर का सुरक्षा घेरा बनाया गया है। शहर और परिसर में 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से ड्रोन कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से निगरानी हो रही है। भोजशाला के भीतर 350 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात हैं, जबकि 100 पुलिस कर्मी छत पर तैनात हैं। इन सबके साथ ही, थ्रीडी मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
यहां बसंत पंचमी पर हिंदुओं को पूजा करने और जुमे के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने की अनुमति है। बाकी दिनों में यहां सामान्य जनता का प्रवेश प्रतिबंधित है। हालांकि, यदि बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तो इस वर्ष स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है, क्योंकि यह पहली बार है जब जुमे की नमाज और वसंत पंचमी की पूजा एक ही दिन पड़ रही है, जो लगभग 10 वर्षों बाद संभव हो रहा है।
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