
islamabad : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर लगायी जा रही कई प्रकार की अटकलों के बीच उनकी बहन अलीमा खानम ने रावलपिंडी के अदियाला जेल प्रशासन से अपने भाई के स्वास्थ्य को लेकर ठोस जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। खानम ने कहा है कि परिवार के किसी भी सदस्य को कई हफ्तों से खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गयी है। ऐसे में जेल प्रशासन को तत्काल पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पाकिस्तान टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक अलीमा खानम ने एक विशेष साक्षात्कार में बताया कि उनकी बहन डॉ. उजमा खान 4 नवंबर को इमरान खान से मिली थीं। इसके बाद से परिवार के किसी भी सदस्य को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गयी और न ही उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई ठोस जानकारी उपलब्ध करायी गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान से मिलने के उनके कई बार के अनुरोध को अदियाला जेल प्रशासन ने अनसुना कर दिया।
खानम के मुताबिक, डॉ. उज़मा खान ने पिछली मुलाकात में 73 वर्षीय खान को तंदुरुस्त और स्वस्थ पाया था। हालांकि, खान को लेकर चल रही बिना पुष्टि की खबरों को लेकर परिवार के सदस्य और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थक चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राना सनाउल्लाह ने उनकी मौत की खबरों को निराधार बताया था। तीन दिन पहले राना ने कहा था कि डॉक्टरों की टीम पूर्व प्रधानमंत्री खान को साप्ताहिक और दैनिक आधार पर देखती है और उनकी दवाइयां, आहार, सुविधाएं और अन्य चीजों का ध्यान रखती है।
पीटीआई के संस्थापक इमरान खान अप्रैल 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटे थे। उसके बाद अगस्त 2023 से भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के तहत जेल में बंद हैं। हालांकि इन आरोपों को खान और उनकी पार्टी पीटीआई राजनीति से प्रेरित बताती रही हैं। गुरुवार (27 नवंबर) को इमरान खान की मौत की खबरों के बाद उनकी बहन अलीमा खानम और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल आफरीदी उनसे मिलने जेल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया था। इसके बाद वह दोनों और पीटीआई के कार्यकर्ता जेल के बाहर धरने पर बैठ गए थे। शुक्रवार सुबह धरना खत्म हुआ। बाद में जेल प्रशासन ने बताया कि इमरान खान एकदम ठीक हैं। जेल प्रशासन ने उनकी मौत की खबरों को खारिज किया था।
अलीमा खानम ने भाई से मिलने की इजाजत नहीं दिए जाने के बाद इस्लामाबाद हाई कोर्ट में अदियाल जेल के अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका भी दायर की है। याचिका में इस्लामाबाद हाई कोर्ट के 24 मार्च के आदेश का जिक्र किया गया है, जिसमें अदालत ने इमरान खान से हफ्ते में दो बार मुलाकात करने की अनुमति दी थी। याचिका में कहा गया है कि अदालत के आदेशों का जानबूझकर पालन नहीं किया गया है, जिसकी वजह से अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया जाता है। इसमें इमरान से नहीं मिलने दिए जाने का विशेष रूप से जिक्र किया गया है।















