विधानसभा में अनुपस्थित विधायकों पर गिरेगा गाज, 8 अप्रैल को टीएमसी लेगी फैसला

कोलकाता। पार्टी व्हिप की अवहेलना कर विधानसभा में अनुपस्थित रहने वाले 30 तृणमूल विधायकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर आगामी आठ अप्रैल को फैसला होगा। पार्टी की अंदरूनी अनुशासनात्मक समिति की बैठक उसी दिन दोपहर दो बजे बुलाई गई है, जिसमें इन विधायकों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, जिन विधायकों पर कार्रवाई की संभावना है, उनमें पश्चिम बंगाल के युवा और खेल मामलों के राज्य मंत्री मनोज तिवारी भी शामिल हैं। यह समिति विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक निर्मल घोष के साथ ही राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय की अध्यक्षता में गठित है। अन्य सदस्यों में वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम और ऊर्जा मंत्री अरूप विश्वास शामिल हैं।

पार्टी ने बजट सत्र के दूसरे चरण के अंतिम दो दिनों, 19 और 20 मार्च, को सभी विधायकों की अनिवार्य उपस्थिति का व्हिप जारी किया था। हालांकि, इस आदेश से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छूट दी गई थी। 19 मार्च को उनकी विधानसभा में उपस्थिति के कारण विधायकों की उपस्थिति लगभग पूरी रही, लेकिन 20 मार्च को कई विधायकों ने सदन से दूरी बना ली।

पहले इस अनुशासनात्मक बैठक की तारीख 29 मार्च तय की गई थी, लेकिन ईद के कारण इसे टाल दिया गया। अब 8 अप्रैल को फैसला लिया जाएगा कि इन विधायकों के खिलाफ पार्टी क्या सख्त कदम उठाएगी।

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