
स्वीडन में प्रदर्शन के दौरान कुरान जलाए जाने का मामला गर्माया हुआ है। स्वीडन के ओरेब्रो शहर में एक धुर दक्षिणपंथी और अप्रवासी विरोधी समूह ने कथित तौर पर कुरान को जलाया था। रविवार को पुलिस ने दंगाइयों को चेतावनी देने के लिए गोलियां चलाई। खबरों के मुताबिक इस गोलीबारी में तीन लोग घायल हो गए। जारी दंगों में कई गाड़ियों को आग लगा दी गई, वहीं अब तक पुलिस ने 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।
2017 में स्ट्राम कुर्स का हुआ था गठन
जानकारी के मुताबिक स्टॉकहोम, लिंकोपिंग और नॉरकोपिंग में दक्षिणपंथी समूह ने कार्यक्रम की योजना बनाई थी। जहां-जहां कार्यक्रम आयोजित किए गए वहां-वहां गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को हिंसा भड़की। स्टार्म कुर्स पार्टी चलाने वाले डेनिश-स्वीडिश चरमपंथी रासमुस पालुदान ने कहा कि उन्होंने इस्लाम की सबसे पवित्र पुस्तक को जलाया है और आगे भी वह ऐसा करेंगे। साल 2017 में स्ट्राम कुर्स का गठन किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पार्टी आप्रवास और इस्लाम विरोधी ऐजेंडा पर काम करती है।
कुरान जलाने को लेकर ईरान-इराक में विरोध
कुरान जलाने को लेकर ईरान और इराक ने विरोध जताया है। तो वहीं इस मामले पर सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने सोमवार सुबह एक बयान जारी किया जिसमें इस गटना को लेकर उन्होंने निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “विदेश मंत्रालय स्वीडन में कुछ चरमपंथियों द्वारा पवित्र कुरान के साथ जानबूझकर की गई बेअदबी, मुसलमानों के खिलाफ उकसावे और भड़काने वाली कार्रवाई की सऊदी अरब की निंदा दर्ज कराता है।
किंगडम संवाद, सहिष्णुता, सह-अस्तित्व के मूल्यों को फैलाने पर जोर देता है। ये नफरत, उग्रवाद और बिहस्कार को त्यागने और सभी धर्मों एवं पवित्र स्थलों की बेअदबी को रोकने के लिए ठोस प्रयासों के महत्व पर बल देता है।” इस घटना में अब तक 16 पुलिस अधिकारी घायल हो चुके हैं।
कई पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। पलुदन फिलहाल स्वीडन के दौरे पर है और वह बड़ी मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में जा रहा है। पलुदन ने हाल के सालों में कई मौकों पर उकसावे वाली कई घटनाओं को अंजाम दिया है। नवंबर 2020 में उसे फ्रांस में गिरफ्तार कर डिपोर्ट कर दिया गया था।












