
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोक निर्माण विभाग अपने नाम के अनुरूप “लोक” अर्थात जनता और “निर्माण” अर्थात सृजन के माध्यम से जन-जन की सेवा के संकल्प को साकार कर रहा है। इंजीनियरों की क्षमता और नवाचार के बल पर मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में लोक निर्माण विभाग के नवाचारों, डिजिटल पहल और अभियंताओं की क्षमता निर्माण पर केंद्रित राज्य स्तरीय कार्यक्रम एवं प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकपथ मोबाइल ऐप के उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 का लोकार्पण किया। यह ऐप सड़क रखरखाव की निगरानी, नागरिक शिकायतों के त्वरित समाधान, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही उन्होंने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 का विमोचन किया, जिसमें तकनीकी प्रशिक्षण के साथ प्रोजेक्ट, फाइनेंशियल और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट को भी शामिल किया गया है। विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण केवल सड़कें और पुल नहीं, बल्कि प्रदेश की गति और विकास की रीढ़ है। आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और दूरदर्शिता से किए गए निर्माण कार्य जन-जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। उन्होंने विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नई सोच और डिजिटल पहलें प्रदेश के अधोसंरचना विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की अवधारणा धरातल पर उतरी है। अगले दो वर्षों में मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का समूह बनेगा। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह सहित 1500 से अधिक अभियंता उपस्थित रहे।














