सीतापुर में गन्ने की नई नस्लों को पहचानने की जंग! जवाहरपुर चीनी मिल में गन्ना विशेषज्ञों का जमावड़ा

  • सीतापुर में पीपीटी से सीखी प्रजातियों की बारीकियां
  • पर्यवेक्षकों ने ट्रेनिंग के बाद दी लिखित परीक्षा
  • डालमिया शुगर मिल में दो दिवसीय कार्यशाला का आगाज, गन्ना विकास की लिखी जा रही नई इबादत

रामकोट, सीतापुर। ​रामकोट के जवाहरपुर स्थित डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मीटिंग हॉल में गन्ने की खेती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक खास मंथन शुरू हुआ है। गन्ना आयुक्त के निर्देशों के पालन में विभाग और चीनी मिल ने कंधे से कंधा मिलाकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका मकसद गन्ना पर्यवेक्षकों को तकनीकी रूप से और भी ज्यादा ‘शार्प’ बनाना है।

इस ट्रेनिंग सेशन में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अजय पाल, गन्ना महाप्रबंधक आजाद सिंह और सहायक महाप्रबंधक प्रेम प्रकाश शुक्ला ने कमान संभाली। आधुनिक तकनीक और पीपीटी (PPT) के माध्यम से सरकारी और चीनी मिल के पर्यवेक्षकों को गन्ने की अलग-अलग प्रजातियों को पहचानने के गुर सिखाए गए। विशेषज्ञों ने बारीकी से समझाया कि कैसे एक नजर में उन्नत किस्मों की पहचान कर किसानों को सही सलाह दी जा सकती है।

​दिलचस्प बात यह रही कि यह ट्रेनिंग सिर्फ सुनने और देखने तक सीमित नहीं थी। कार्यक्रम के अंत में सभी गन्ना पर्यवेक्षकों की एक कड़ी परीक्षा भी ली गई, ताकि यह परखा जा सके कि उन्होंने कितना सीखा। पर्यवेक्षकों ने भी इस परीक्षा में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस पहल से उम्मीद जगी है कि अब खेतों तक सही प्रजाति की जानकारी पहुंचेगी, जिससे किसानों की उपज और आय में बड़ा इजाफा होगा।

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