
गोंदलामऊ, सीतापुर। विकास खण्ड गोंदलामऊ अंतर्गत ग्राम पंचायत महेशपुर में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बड़ी संख्या में गांव में आ चुके बंदर न केवल लोगों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि फसलों और आवासीय संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थिति से परेशान ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी सीतापुर राजा गणपति आर से मिला और समस्या से अवगत कराया।

ग्रामीणों ने बताया कि बंदर आए दिन महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को काट रहे हैं। स्कूल आने-जाने वाले छात्र-छात्राएं भी इनके हमलों का शिकार हो चुके हैं। बंदरों से बचने के प्रयास में कई ग्रामीण गिरकर घायल हो गए हैं। इतना ही नहीं, बंदरों द्वारा पालतू जानवरों को काटने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान समय में खड़ी फसलें- गेहूं, गन्ना, सरसों, चना, मटर और आलू बंदरों द्वारा बड़े पैमाने पर नष्ट की जा रही हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। आवासीय बस्तियों में घुसकर बंदर खाद्यान्न सामग्री, कपड़े व अन्य घरेलू सामान को भी क्षति पहुंचा रहे हैं।

ग्राम सुनीता देवी, प्रधान जितेंद्र कुमार सिंह (महरापुर), पूर्व बीडीसी रतनेर सहित वीरेंद्र अर्कवंशी, शिवनाथ सिंह, कमलेश सिंह, देशराज सिंह व बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बंदरों को पकड़वाने की मांग की। जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान हेतु संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे और शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों को अब प्रशासन से ठोस पहल की उम्मीद है। अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा धारदार हेडलाइन, प्रेस नोट, या सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी ढाल सकता हूँ।
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