
Mihinpurwa, Bahraich : विकासखंड के कम्पोजिट विद्यालय में 59वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट कैलाश चंद्र रमोला के मार्गदर्शन में ‘वन्दे मातरम्’ गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इंडो नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यालय में प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वाहिनी के अंतर्गत समस्त सीमा चौकियों के क्षेत्र में आने वाले सीमावर्ती विद्यालयों में ‘वन्दे मातरम्’ पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों एवं विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सद्भावना एवं देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना तथा उन्हें राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ना रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को ‘वन्दे मातरम्’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व से अवगत कराया गया तथा स्वतंत्रता संग्राम में इसके प्रेरणादायी योगदान एवं अमर शहीदों के बलिदान को नमन किया गया।
आयोजन से प्रतिभागियों में राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सकारात्मक जन-संपर्क को भी बल मिला।
विद्यालय के प्राचार्य ने एसएसबी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्र प्रेम सामाजिक उत्तरदायित्व और अनुशासन की भावना को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम का सामूहिक गान किया। इसके बाद विद्यार्थियों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय प्रतीकों और भारत के इतिहास से संबंधित प्रश्न पूछे गए।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य,सभी अध्यापकगण, छात्राओं और एसएसबी के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। 59 वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने बताया कि भविष्यमें भी समाज और युवाओं के बीच राष्ट्रभक्ति जागरूकता और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रचार प्रसार के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।










