CISF : सीआईएसएफ में फिजूलखर्ची पर ब्रेक, यूनिट-बटालियन दौरों में गिफ्ट और मोमेंटो पर रोक

CISF : सीआईएसएफ में वरिष्ठ अधिकारियों के यूनिट/बटालियन दौरों के दौरान होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए डीजी की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। अब किसी भी यूनिट या प्रतिष्ठान में वरिष्ठ अफसरों के निरीक्षण या दौरे के दौरान महंगे गिफ्ट, मोमेंटो और बुके देने की परंपरा पूरी तरह बंद कर दी गई है। सीआईएसएफ मुख्यालय ने इस संबंध में एडीजी, सभी सेक्टरों के आईजी, जोनल मुख्यालय के डीआईजी और सभी यूनिट/बटालियन कमांडरों को पत्र जारी कर नए दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं।

आदेश में कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारी जब किसी यूनिट या बटालियन के दौरे पर जाएंगे, तो उनके ठहरने और खाने-पीने का खर्च संबंधित अधिकारी स्वयं वहन करेंगे। इसके लिए उन्हें मिलने वाला टीए/डीए पर्याप्त है। यदि अधिकारी जीओ मैस में रुकते हैं, तो उन्हें नियमानुसार पूरा बिल चुकाना होगा। डीजी की सहमति से जारी पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अब किसी भी स्थिति में बिल न चुकाने और साथ ही टीए/डीए का दावा करने की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं होगी।

सीआईएसएफ मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अनावश्यक खर्च न केवल बल पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालते हैं, बल्कि संगठन और यूनिट की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। अधिकारियों का किसी यूनिट में जाना उनकी आधिकारिक जिम्मेदारी का हिस्सा है, न कि औपचारिक स्वागत या सम्मान समारोह का अवसर। इसी कारण अब स्वागत में बुके देने की प्रथा भी समाप्त कर दी गई है।

इन निर्देशों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, अनावश्यक खर्च रोकना और बल की सादगीपूर्ण एवं अनुशासित छवि को मजबूत करना है।

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