
Lucknow Murder : राजधानी लखनऊ में मलिहाबाद के खड़ता गांव में ई रिक्शा चालक अर्जुन पाल (50) की उसके दोनों बेटों रूप लाल व नाबालिग ने मिलकर फावड़े से सिर पर वारकर हत्या की थी। पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है। दोनों बेटे शराब व जुए के आदी हैं। इस कारण अक्सर पिता से रुपये मांगने पर विवाद होता था।
मलिहाबाद। खड़ता गांव में ई रिक्शा चालक अर्जुन पाल (50) की उसके दोनों बेटों रूप लाल व नाबालिग ने मिलकर फावड़े से सिर पर वारकर हत्या की थी। पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है। दोनों बेटे शराब व जुए के आदी हैं। इस कारण अक्सर पिता से रुपये मांगने पर विवाद होता था।
इंस्पेक्टर मलिहाबाद सुरेंद्र कुमार भाटी के अनुसार, सोमवार देर रात अर्जुन पाल ने दोनों बेटों को झगड़े के दौरान लात-घूंसे से पीटा था। इस पर दोनों बेटों ने फावड़े से पिता के सिर पर वार किया था। उनकी कमरे में ही मौत हो गई थी। हत्या के बाद आरोपी बेटों ने शव को ई रिक्शा में लादकर गांव से एक किलोमीटर दूर नबीनगर नहर पुलिया तक ले जाकर फेंक दिया। ई रिक्शा को शव के ऊपर पलट दिया था, जिससे पुलिस व ग्रामीण इसे सामान्य दुर्घटना समझें। मृतक के चेहरे, हाथ और पैरों पर गहरे जख्म के निशान मिले थे। पत्नी शिवरानी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस 20 जनवरी को देर रात दर्ज किया था।
इंस्पेक्टर के अनुसार, ग्रामीणों से यह भी पता चला कि अर्जुन पाल ने 30 वर्ष पहले अपने पिता डोरी लाला की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया था। उस समय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं हुई थी। परिजनों ने डोरी लाल का अंतिम संस्कार कर दिया था।
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