
Palia, Lakhimpur Kheri : गरीबों के लिए आए सरकारी कंबलों के कथित घोटाले का मामला पलिया तहसील में लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 14 जनवरी की शाम उजागर हुए इस प्रकरण ने अब प्रशासन और अधिवक्ता संघ के बीच खुले टकराव का रूप ले लिया है। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन के बीच गुरुवार को नगर व्यापार मंडल भी खुलकर अधिवक्ताओं के समर्थन में आ गया। व्यापार मंडल और अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से तहसील परिसर से नगर क्षेत्र तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “एसडीएम मुर्दाबाद” और “तहसील प्रशासन मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। मार्च के दौरान लेखपाल संघ द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे को तत्काल वापस लेने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कंबल वितरण में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच के बजाय सच्चाई उजागर करने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। आंदोलनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी के तत्काल स्थानांतरण की भी मांग उठाई।

इस मौके पर आंदोलन में शामिल एडवोकेट अमित महाजन, बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप मेनरो, श्रीश द्विवेदी, दीपक पाण्डेय के साथ-साथ व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरव गुप्ता, महामंत्री जसवीर फ्लोरा, मुकेश गुप्ता और अमित गुप्ता ने चेतावनी दी कि जब तक मुकदमा वापस नहीं लिया जाता और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के चलते तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है। कंबल वितरण से जुड़ा यह मामला अब गंभीर प्रशासनिक संकट का रूप ले चुका है।










