
Putin On Greenland : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को पाने की कोशिशें डेनमार्क को असमंजस में डालने के साथ-साथ नाटो की एकजुटता को भी झकझोर रही हैं। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस मामले में अपनी बेखबरिता जताई है। पुतिन ने बुधवार, 21 जनवरी की देर रात राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, ‘इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है कि ग्रीनलैंड के साथ क्या होता है।’ उनका यह बयान टेलीविजन पर प्रसारित किया गया।
रूस के राष्ट्रपति ने कहा, “यूं तो डेनमार्क ने ग्रीनलैंड को हमेशा एक उपनिवेश की तरह माना है और उसके प्रति क्रूर नहीं, तो काफी कठोर रवैया तो अपनाया ही है, लेकिन यह बिल्कुल अलग मामला है और मुझे संदेह है कि अभी किसी की इसमें रुचि होगी।“ उन्होंने आगे कहा, “इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा लेंगे।” पुतिन ने यह भी जिक्र किया कि 1917 में डेनमार्क ने इस द्वीप समूह को अमेरिका को बेच दिया था। इसके साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि 1867 में रूस ने अलास्का को 72 लाख अमेरिकी डॉलर में अमेरिका को बेच दिया था।
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर NATO से ‘डील’ की ओर इशारा किया है। ट्रंप ने बुधवार को स्विट्जलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में मीडिया से कहा कि वह डेनमार्क के हाथों से बलपूर्वक ग्रीनलैंड को छीनने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड पर समझौते को लेकर बातचीत की है। हम दोनों ने इस बात पर सहमति जताई है कि एक ‘भविष्य का फ्रेमवर्क’ तैयार किया जाएगा।”
इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी घोषणा की है कि वह अब ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण को लेकर यूरोप के सहयोगी देशों पर निर्धारित टैरिफ को रद्द कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह टैरिफ अब लागू नहीं रहेंगे और हम इसे वापस ले रहे हैं।”
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