
प्रयागराज। शहर में आज एक धार्मिक नेता शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला। यह प्रेस कांफ्रेंस सामान्य रूप से चल रही थी, तभी अचानक दोनों पक्षों के बीच तकरार शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया, जिसमें मारपीट और गालीगलौज की घटनाएं हुईं।
हिंसा का कारण और घटनाक्रम
मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार, एक पक्ष ने करीब 20 लड़कों को बुलाकर धमकियों और बदमाशी का सहारा लिया। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष ने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रेस कांफ्रेंस का अंत और स्थिति का संभलना
प्रेस कांफ्रेंस के समाप्त होने के बाद पुलिस ने तत्परता से कार्यवाही कर माहौल को शांत किया। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अभी भी संभावना जताई जा रही है कि अगले 2-4 दिनों के अंदर फिर से इस तरह का विवाद हो सकता है।
शंकराचार्य जी महाराज का स्थिति पर रुख
इस पूरे घटनाक्रम में, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज केवल दर्शक बने रहे। उन्होंने घटनाओं के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की और अपने आप को दूर ही रखा।
आगे की आशंकाएं और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस प्रशासन ने कहा है कि वे इन घटनाओं पर कड़ी नजर रख रहे हैं और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्कता बरत रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
यह भी पढ़े : गर्ल्स हॉस्टल में नाबालिग छात्राओं के ‘रेट’ तय, 17 साल की छात्राओं के रु 25000, लगे रहते थे कैमरे












