
चेन्नई। तमिलनाडु राज्य में कुछ महीनों से चिकनगुनिया का प्रकोप दोबारा बढ़ता जा रहा है। चेन्नई, विलुप्पुरम, चेंगलपट्टू, तेनकासी सहित कई जिलों में चिकनगुनिया के अधिक मामले सामने आ रहे हैं। संक्रमण वृद्धि को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर निगरानी और रोकथाम उपायों को और अधिक सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य के जनस्वास्थ्य विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि चेन्नई, विलुप्पुरम, तेनकासी, थेनी, कडलूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और अरियालूर जिलों में चिकनगुनिया के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसलिए सभी जिलों में उचित निगरानी के साथ रोग-नियंत्रण उपायों को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए। विभाग ने कहा कि अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में समय पर चिकनगुनिया की जांच सुनिश्चित कर रोग के प्रसार को रोकना आवश्यक है। अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया के लिए अलग-अलग विशेष वार्ड स्थापित किए जाने चाहिए।
जनस्वास्थ्य विभाग ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि संक्रमण की पहचान के लिए आवश्यक एलाइज़ा जांच उपकरणों का पर्याप्त भंडारण अनिवार्य है। मोबाइल मेडिकल रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को हमेशा तैयार रखा जाना चाहिए। जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में रोग-निवारण कार्यों की निगरानी और समीक्षा भी की जानी चाहिए। विभाग ने घर-घर जाकर मच्छर प्रजनन की निगरानी के लिए पर्याप्त कर्मियों की नियुक्ति करने और जिला कीट विज्ञान विशेषज्ञ और स्वास्थ्य निरीक्षक प्रत्येक घर में लार्वा (मच्छर के लार्वा) की जांच करने पर जाेर दिया। विभाग ने जिन क्षेत्रों में बुखार के मामले दर्ज किए गए हैं, वहां विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके शाथ ही ठोस कचरे का सही तरीके से निपटान अनिवार्य करने और सप्ताह में एक बार पानी की टंकियों की सफाई के बारे में आम जनता को जागरूक करने काे कहा है।










