
- एसएसपी ने की मासिक अपराधों की समीक्षा
झांसी। झांसी पुलिस ने अपराध नियंत्रण और अपराधियों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ‘यक्ष’ ऐप का उपयोग शुरू कर दिया है। इस ऐप के माध्यम से अपराधियों और अपराधों की थानावार डिजिटल कुंडली तैयार की जा रही है, जिसमें बीट इंचार्ज द्वारा डेटा फीड किया जा रहा है। इससे पुलिस को अपराधियों की पूरी जानकारी, उनके अपराध करने के तरीके और उन पर प्रभावी निगरानी में सुविधा मिलेगी।
इस ऐप में फेशियल रिकग्निशन और वॉयस सर्च जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यह जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान अधीनस्थ अधिकारियों को दी।

एसएसपी ने बताया कि अपराधियों की पहचान और अपराध रोकथाम के उद्देश्य से यक्ष ऐप को लॉन्च किया गया है। इस ऐप के जरिए बीट सिपाही से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक किसी भी अपराधी का पूरा विवरण एक ही प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे। फेस रिकग्निशन और वॉयस रिकग्निशन जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अपराधियों की पहचान और जानकारी और अधिक सटीक रूप से उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि यह ऐप गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की तलाश में भी सहायक साबित होगा। यक्ष ऐप के उपयोग से पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। इस तकनीकी पहल से उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ेगी और अपराधों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
एसएसपी ने सैनिक सम्मेलन के दौरान उपस्थित पुलिस कर्मियों की समस्याएं सुनीं और उनके गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। सैनिक सम्मेलन के उपरांत पुलिस लाइन झांसी के सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें जनपद की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला संबंधी अपराध, अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम, पुरस्कार घोषित अपराधी, टॉप-10 एवं हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही चरित्र सत्यापन, आईजीआरएस एवं शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा आगामी त्योहारों को लेकर भी चर्चा की गई।
एसएसपी ने आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश देते हुए सभी थाना प्रभारियों से कहा कि वे शिकायतों की सतत मॉनिटरिंग करें और अपने-अपने थाना क्षेत्रों में चौकी प्रभारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में iRAD (Integrated Road Accident Database) पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। यह पोर्टल भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित समस्त डेटा का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संग्रह, विश्लेषण और साझा करना है। यह पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग सहित सभी संबंधित हितधारकों को जोड़ते हुए डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायक है, जिससे सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
इसके अलावा, एसएसपी ने साइबर अपराधों से संबंधित पंजीकृत मामलों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, साइबर फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों की अधिकतम धनराशि की बरामदगी तथा घटनाओं के संज्ञान में आते ही त्वरित कार्रवाई कर संबंधित खातों को समय पर फ्रीज कराने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नगर श्रीमती प्रीति सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार, जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी, सभी थानों के प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं सभी शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।










