
- देश की रक्षा करने वाले रिटायर्ड फौजी को दारोगा ने पीटा
- बेटी के लिए न्याय मांगने सीपरी बाजार थाना गया था रिटायर्ड फौजी
Jhansi : योगी सरकार में रिटायर्ड फौजियों के साथ मारपीट की घटनाएं होना शुरु हो गई है। बेटियों के लिए न्याय मांगने पहुंच रहे रिटायर्ड फौजी के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। यही नहीं, मोबाइल फोन छीनकर थाने से धक्का देकर भगाया जा रहा है। इस मामले में रिटायर्ड फौजियों ने आईजी से न्याय की मांग की है। आईजी ने पूरे प्रकरण में जांच के आदेश दिए है।
डिफेंस कालोनी निवासी रिटायर्ड पूर्व सैनिक अधिकारी जगत नारायण शर्मा ने आईजी को शिकायती पत्र देते हुए बताया है कि उसकी की बेटी श्रीमती सोनी शर्मा को रात्रिकालीन जन काफी समय से काफी परेशान कर रहे है तथा उसे जान से मारने पर आमादा है। प्रार्थी को 6 जनवरी 2026 को उसके साथ हुई मारपीट एवं जख्म बनाने की अपराधिक वारदात की घटना पता चली तो प्रार्थी अपनी पुत्री को देर शाम मौक़े से लेकर थाना-सीपरी बाजार लाया। किन्तु अभियुक्त गण से अनाधिकृत लाभ प्राप्त कर चुकी थाना-सीपरी बाजार पुलिस ने मेडीकल के लिये न तो मजूरी पर्चा बनाया और न ही रिपोर्ट दर्ज की। तब प्रार्थी सीधे सिविल हॉस्पिटल मेडीकल कराने चला गया।
शिकायती पत्र में कहा कि 7 जनवरी 2026 को जब प्रार्थी अपनी बेटी को लेकर पुनः थाने रिपोर्ट दर्ज कराने गया, तो वहाँ बैठे दरोगा रामवीर सिंह बोले कि पहले इस फौजी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करेंगे। यह ही ज्यादा नेता गिरि कर रहा और उसका मोबाइल फोन छीनकर दो-तीन झापड मार दिये एवं गाली-गलौज कर अभद्रता का व्यवहार किया। चूंकि पुलिस ने प्रार्थी की पुत्री के साथ घटित घटना 27 जुलाई 2025 की रिपोर्ट उप्र स्तरिय शिकायतों के बाद 25 अक्तूबर 2025 को लिखी, जिसमें उसकी पुत्री ने उपनिरीक्षक विकास कुमार द्वारा अभियुक्तों को संरक्षण किये जाने विषयक कई शिकायत पत्र लिखे ,जिससे थाना पुलिस प्रार्थी व उसकी पुत्री से भी रंजिश मानने लगी और जब पुनः उन्ही मुझ्जिमान अपराधिक वारदात की पुनरावृत्ति की, तो उसकी रिपोर्ट लिखाने हेतु जब थाने गया तो वहाँ बैठे दरोगा रामवीर सिंह उल्टे प्रार्थी फरियादी के विरूद्ध फर्जी रिपोर्ट लिखने की धमकी दी तथा कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करने व समझौता करने का अनाधिकृत दबाव बनाया तथा प्रार्थी सहित गवाहों को जेल भेजने की धमकी दी।










