WEF 2026 Davos : ट्रंप का तीखा हमला बोले, यूरोप भटक रहा है, कई जगहों की पहचान तक खत्म

दावोस : स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रही विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक इस बार वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और निवेश को लेकर बड़े बयानों की गवाह बनी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन से लेकर भारत की तेज विकास दर, राज्यों के निवेश प्रस्ताव और कॉरपोरेट जगत की बड़ी घोषणाओं तक दावोस का मंच अंतरराष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बना रहा।

ट्रंप का यूरोप पर हमला, ‘अमेरिका फर्स्ट’ का फिर ऐलान
विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि यूरोप सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है और कुछ स्थानों की पहचान तक खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने कहा, “मुझे यूरोप से प्यार है, लेकिन यह सही रास्ते पर नहीं जा रहा।
अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने दावोस में मौजूद “बहुत सारे दोस्तों और कुछ दुश्मनों” का अभिवादन किया और दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने दोबारा मजबूती हासिल की है। ट्रंप बोले, “दो साल पहले अमेरिका एक मृत देश जैसा था, लेकिन अब हम फिर से जीवित हो गए हैं।”

उन्होंने व्यापार नीति पर भी सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि अमेरिका विदेशी देशों पर कर बढ़ा रहा है ताकि हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के विकास का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि “दुनिया का कोई भी देश ग्रीनलैंड को सुरक्षित नहीं रख सकता, सिवाय अमेरिका के।”

वैश्विक चुनौतियों के बीच अमेरिका की भूमिका पर नजर
ट्रंप का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन युद्ध, वैश्विक मंदी और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिका की भूमिका पर टिकी हैं। ज्यूरिख पहुंचने के बाद ट्रंप सीधे दावोस गए, जहां उन्होंने पहले उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की और फिर WEF को संबोधित किया।

भारत बना भरोसेमंद वैश्विक साझेदार
भारती एंटरप्राइजेज के वाइस-चेयरमैन राजन भारती मित्तल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात में भारत को एक भरोसेमंद और स्थिर साझेदार के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

बेंगलुरु ‘भविष्य का शहर’: डीके शिवकुमार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दावोस में बेंगलुरु को ‘भविष्य का शहर’ बताते हुए इसकी नवाचार क्षमता, मजबूत बुनियादी ढांचे और बेहतर जीवन गुणवत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने शहरों के भविष्य पर आयोजित एक सत्र में मोबिलिटी, ऊर्जा और तकनीक के एकीकृत समाधानों पर जोर दिया।

भारत की तेज ग्रोथ जारी रहेगी: अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भरोसा जताया कि भारत अगले पांच वर्षों में वास्तविक रूप से 6 से 8 प्रतिशत और नाममात्र रूप से 10 से 13 प्रतिशत की दर से वृद्धि करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि टेलीकॉम टावर लगाने की प्रक्रिया में बड़ा सुधार हुआ है जहां पहले 270 दिन लगते थे, अब यह समय घटकर सिर्फ 7 दिन रह गया है और 89 प्रतिशत अनुमतियां ‘जीरो टाइम’ में मिल रही हैं।

IMF की टिप्पणी पर भारत का जवाब
अश्विनी वैष्णव ने IMF द्वारा भारत को ‘सेकेंड टियर’ AI अर्थव्यवस्था बताए जाने के दावे को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि स्टैनफोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार AI अपनाने, तैयारी और टैलेंट के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है और वैश्विक AI लीडर्स के पहले समूह में शामिल है।

राज्यों का निवेश रोडमैप
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि नीतिगत स्थिरता और मजबूत गवर्नेंस के चलते गुजरात निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक गंतव्य बना है। उन्होंने धोलेरा स्मार्ट सिटी और गिफ्ट सिटी को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र बताया।
वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य हरित ऊर्जा, कौशल विकास और संतुलित औद्योगिक विकास पर फोकस कर रहा है और पर्यावरण संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अदाणी समूह का 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्लान
दावोस में अदाणी समूह ने भारत में छह लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का रोडमैप पेश किया। यह निवेश विमानन, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी अवसंरचना, डिजिटल प्लेटफॉर्म और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। समूह के अनुसार, यह रणनीति तकनीक-आधारित और एकीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर केंद्रित है।

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