
Jhansi : जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए उपस्थित समस्त उपजिलाधिकारी/तहसीलदार को निर्देश दिए कि विभिन्न धाराओं में 05 वर्ष से अधिक लंबित वादों का निस्तारण अभियान मिशन मोड में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कहीं भी किसी गरीब के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
डीएम ने आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायतों के निस्तारण में असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर नाराजगी व्यक्त की और सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण ऐसा किया जाए कि उसे परखा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा की तैयारी करने के लिए भी कहा।
उन्होंने सभी एसडीएम को यह निर्देश भी दिया कि राजस्व वादों के निस्तारण के लिए अभियान चलाया जाए और जनता से जुड़े विभागीय अधिकारी समय पर लोगों से मिलें। आईजीआरएस में प्राप्त आवेदन, सीएम हेल्पलाइन या थाना, तहसील, विकासखण्ड में आने वाली शिकायतों की सुनवाई संवेदनशीलता और सम्मान के साथ की जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक अधिकारियों के प्रदर्शन का मानक होगा।
किसी गलत व्यक्ति को भू-माफिया घोषित न किया जाए
जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए एंटी भू-माफिया पोर्टल की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि भू-माफियाओं की पहचान सख्ती से की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी गलत व्यक्ति को भू-माफिया घोषित न किया जाए। पूर्ण जांच के बाद ही किसी को भू-माफिया घोषित किया जाए।
जनपद में दिसंबर महीने में 37 भू-माफियाओं पर एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसमें सबसे अधिक 14 एफआईआर सदर तहसील में, 12 टहरौली में और 04 मऊरानीपुर में दर्ज की गई।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगा योगेन्द्र कुमार, एसडीएम सदर गोपेश तिवारी, एसडीएम मोंठ अवनीश तिवारी, एसडीएम गरौठा सुनील कुमार, एसडीएम टहरौली गौरव आर्या, एसडीएम मऊरानीपुर श्वेता साहू सहित समस्त एसडीएम न्यायिक, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।










