
Sambhal : संभल में चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) विभान्शु सुधीर सहित 14 न्यायिक अधिकारियों का मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्रांसफर कर दिया है। इस आदेश के बाद संभल में वकीलों ने हड़ताल कर विरोध जताया।
सुधीर का ट्रांसफर और नया पद
सुल्तानपुर में सीनियर डिविजन के सिविल जज के तौर पर नियुक्त सुधीर की जगह संभल में सीविल जज सीनियर डिवीजन, चंदौसी के आदित्य सिंह को भेजा गया है।
सुधीर ने 19 जनवरी को संभल पुलिस को नवंबर 2024 में हुई संभल हिंसा के दौरान एक युवक की गोलीबारी के मामले में तत्कालीन सर्किल ऑफिसर (CO) अनुज चौधरी और एसएचओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद संभल पुलिस ने कहा कि वे CJM कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपील करेंगे।
अन्य ट्रांसफर और नियुक्तियां
इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी ट्रांसफर आदेश में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
कन्नौज के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरेंद्र नाथ को पॉक्सो मामलों के कोर्ट में नियुक्त किया गया।
उनकी जगह अलका यादव को गोंडा में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज के रूप में कार्यभार संभालने के लिए भेजा गया।
गोंडा के स्पेशल जज/एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज विकास को महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों की सुनवाई के लिए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (फास्ट ट्रैक कोर्ट) बनाया गया।
सीतापुर की वरिष्ठ मंडल की एडिशनल सिविल जज उरोज फातिमा को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, सीतापुर के रूप में कार्यभार संभालने के लिए नियुक्त किया गया।
गौरव प्रकाश और अन्य नियुक्तियां
- अंशु शुक्ला को सीतापुर में सीनियर डिविजन का सिविल जज नियुक्त किया गया।
- गौरव प्रकाश सीतापुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट होंगे।
- राजेंद्र कुमार सिंह कन्नौज के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बने।
- श्रद्धा भारतीय को सिविल जज, सीनियर डिविजन, कन्नौज बनाया गया।
- ज्योत्सना यादव अब एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, कन्नौज होंगी।
- अलुनक्रिता शक्ति त्रिपाठी को सुल्तानपुर में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
- शुभम वर्मा सुल्तानपुर में एडिशनल सिविल जज और एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद संभालेंगे।
वकीलों की प्रतिक्रिया
सुधीर के ट्रांसफर के बाद संभल के वकीलों ने हड़ताल कर विरोध जताया। उनका कहना है कि CJM के ट्रांसफर से स्थानीय अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
न्यायिक प्रशासन की चुनौती
सुधीर के ट्रांसफर और अन्य नियुक्तियों के साथ ही यूपी में न्यायिक प्रशासन की यह श्रृंखला बड़े पैमाने पर बदलाव का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों का उद्देश्य न्यायिक मामलों की त्वरित सुनवाई और प्रबंधन सुधारना है, लेकिन कुछ मामलों में इससे विवाद और विरोध भी देखने को मिल सकते हैं।










