बंगाल में एसआईआर के भय से आदिवासी बुजुर्ग ने की आत्महत्या, चुनाव आयोग पर एफआईआर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में आदिवासी बुजुर्ग की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस ने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की सुनवाई से कथित तौर पर भय के कारण आत्महत्या करने के आरोप से जुड़ा है।

पुलिस के मुताबिक, 29 दिसंबर को पुरुलिया जिले में पारा ब्लॉक के अनारा ग्राम पंचायत अंतर्गत चौताला गांव निवासी दुर्जन माझी (82) ने परिवार से कहा था कि वह टोटो (बैटरी चालित ऑटो) बुक कराने जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अपने घर के पास रेलवे ट्रैक पर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। उसी दिन उनकी एसआईआर से संबंधित सुनवाई पारा ब्लॉक कार्यालय में निर्धारित थी।

घटना के बाद मृतक के पुत्र कनाई माझी ने पारा थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। अब मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को दर्ज मामले में “आत्महत्या के लिए उकसाने और आपराधिक साजिश” की धाराएं लगाई गई हैं। एफआईआर में “अज्ञात अधिकारी तथा भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी” नामजद किए गए हैं।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव और पारा विधानसभा क्षेत्र के समन्वयक सुजय बनर्जी ने कहा कि आदिवासी बुजुर्ग की मौत चुनाव आयोग की वजह से हुई है। एसआईआर की सुनवाई के डर से उनकी जान गई। इसमें आपराधिक साजिश है और पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

उधर, मानबाजार के पत्थरकाटा गांव में भी इसी तरह का एक और मामला सामने आया है। यहां आदिवासी युवक देबराज ओरांग (23) ने मतदाता पंजीकरण में ‘तार्किक विसंगति’ के कारण सुनवाई नोटिस मिलने के बाद रविवार रात कथित रूप से आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि वे भी चुनाव आयोग पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराएंगे।

पुरुलिया जिला तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और आदिवासी नेता गुरुपद टुडू ने कहा कि युवक की आत्महत्या चुनाव आयोग के दबाव और उकसावे का नतीजा है। परिवार का शोक कुछ कम होने के बाद वे मानबाजार थाने में शिकायत दर्ज कराएंगे।

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