
रायबरेली : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मंगलवार को उनके दादा, पूर्व सांसद फिरोज गांधी का वर्षों पुराना खोया हुआ ड्राइविंग लाइसेंस मिला। यह लाइसेंस रायबरेली के एक स्थानीय परिवार ने दशकों तक संभालकर रखा और राहुल गांधी के दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्हें सौंप दिया।
राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर थे और इस दौरान उन्हें यह अनमोल दस्तावेज़ विकास सिंह नामक स्थानीय नागरिक के माध्यम से प्राप्त हुआ। विकास सिंह ने बताया कि लाइसेंस उनके ससुर को वर्षों पहले रायबरेली में एक कार्यक्रम के दौरान मिला था। ससुर के निधन के बाद इसे उनकी सास ने संभालकर रखा और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आगमन की जानकारी मिलने पर इसे लौटाना परिवार का कर्तव्य समझा गया। राहुल गांधी ने इस दस्तावेज़ की फोटो व्हाट्सएप के जरिए सोनिया गांधी को भी भेजी।
इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच खासा उत्साह और चर्चा का माहौल बना दिया। राहुल गांधी ने इस मौके पर अपने संसदीय क्षेत्र के विकास और खेल गतिविधियों पर भी चर्चा की।
राहुल-अखिलेश की जोड़ी के पोस्टर शहर भर में लगाए गए
इसी बीच शहर में सपा और कांग्रेस के गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पहने राहुल गांधी और सपा मुखिया अखिलेश यादव के पोस्टर शहर भर में चस्पा किए गए। पोस्टरों पर सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव राहुल निर्मल बागी का चित्र भी शामिल था, जबकि निवेदक के रूप में शिवम कुमार का नाम दर्ज था। पोस्टरों के नीचे “पीडीए रक्षक” लिखा गया है।
विशेषज्ञों और राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि यह संकेत है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तरह सीटों का बंटवारा करने की योजना बना सकते हैं।
राहुल गांधी का यह दौरा और दादा फिरोज गांधी का ड्राइविंग लाइसेंस मिलने की खबर स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे उनके समर्थक और आम नागरिक दोनों खुशी और उत्साह के साथ देख रहे हैं।











