पहले कहासुनी फिर कांग्रेस विधायक ने SDM को थमाया झुनझुना, एसडीएम बोले- ‘आप ही रख लो’

Haryana : हरियाणा के कैथल जिले में कांग्रेस विधायक और एसडीएम के बीच विवाद का मामला सामने आया है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने सोमवार को कैथल जिले के गुहला-चीका स्थित ब्लॉक एवं विकास पंचायत अधिकारी (BDPO) दफ्तर के सामने विरोध प्रदर्शन किया था।

विधायक कार्यालय परिसर में स्थित दुकानों की लंबाई बढ़ाने से खफा थे। उन्होंने दुकानों की लंबाई बढ़ाने को अवैध बताया। दूसरी तरफ अधिकारियों का तर्क है कि दुकानदारों के अनुरोध पर ही यह फैसला लिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस सोमवार को गुहला-चीका स्थित बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। यहां अपने समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एसडीएम प्रमेश सिंह को झुनझुना थमाने की कोशिश की और कहा, यह खिलौना लो और इससे खेलते रहो। जवाब में एसडीएम ने कहा, आप ही रख लो। इससे खफा होकर विधायक ने झुनझुना फेंक दिया और वहां से चलते बने।

इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। एसडीएम प्रमेश सिंह ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस समेत 5 लोगों के खिलाफ कैथल एसपी और उपायुक्त को लिखित शिकायत दी है। एसडीएम का कहना है कि विधायक के व्यवहार से सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने और दफ्तर का माहौल प्रभावित हुआ। उन्होंने अपनी शिकायत में धमकी देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अपमानित करने का आरोप लगाया है।

‘मानहानि का नोटिस भेजूंगा’

एसडीएम प्रमेश सिंह 2023 बैच के हरियाणा सिविल सेवा अधिकारी हैं। वह सेना में कैप्टन भी रह चुके हैं। एसडीएम के आरोप पर विधायक देवेंद्र हंस ने उन पर अनदेखा करने का आरोप लगाया। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में एसडीएम ने कहा, ‘मैंने कैथल एसपी के पास विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसमें एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने दुकानों से जुड़ी मेरी जांच के परिणाम को प्रभावित करने का प्रयास किया। बिना सबूत के मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। मैं आपराधिक मानहानि के लिए कानूनी नोटिस भी जारी करूंगा।’

एसडीएम के आरोप पर क्या बोले विधायक?

एसडीएम के आरोपों पर विधायक देवेंद्र हंस ने कहा, ‘वह मेरे फोन का जवाब तक नहीं देते हैं तो मैं उन पर दबाव कैसे डाल सकता हूं? मैंने रात में दुकानों के पास उनके घर से मुश्किल से 100 मीटर की दूरी पर अवैध काम होते देखा। मैंने उन्हें सात-आठ बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आधे घंटे बाद उन्होंने फोन उठाया तो मैंने उन्हें चल रहे काम के बारे में बताया। फिर भी वह मौके पर नहीं पहंचे। जब ​​हमने विरोध प्रदर्शन का प्लान बनाया तो वह वहां पहुंचे।’

विधायक का कहना है कि वह (एसडीएम) हमारे सवालों से बचते रहे। तब मैंने कहा, ‘यहां तुम्हारा कोई अधिकार नहीं है, इस खिलौने को लो और इससे खेलते रहो।’ 

यह भी पढ़े : महाराष्ट्र के दोनों मराठा भाईयों के बीच अब क्या हुआ? राज ने उद्धव ठाकरे को किया साइड, एकनाथ शिंदे की शिवसेना में वासपी का संकेत

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें