Moradabad : सिटी मजिस्ट्रेट की बड़ी कार्रवाई, ई-कचरा गलाने वाली अवैध फैक्ट्रियों पर प्रशासन का शिकंजा

  • ई-कचरा गलाने वाली 8 अवैध फैक्ट्रियां सील, प्रशासन की सख्ती से अवैध कारोबारियों में मचा हड़कंप

Moradabad : मुरादाबाद जनपद में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुके अवैध ई-कचरा गलाने के कारोबार पर आखिरकार प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुगलपुरा थाना क्षेत्र के बरबालान इलाके में अवैध रूप से संचालित ई-कचरा गलाने वाली आठ फैक्ट्रियों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

यह सख्त कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडे के नेतृत्व में की गई। प्रशासनिक टीम में राज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अवर अभियंता भी शामिल रहे। जैसे ही टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्रियों की जांच शुरू की, अवैध संचालन की पोल खुलती चली गई। फैक्ट्री संचालकों से जब वैध लाइसेंस, प्रदूषण नियंत्रण की अनुमति और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए, तो कोई भी संचालक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। नियमों के खुले उल्लंघन और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने के आरोप में प्रशासन ने तत्काल फैक्ट्रियों को सील कर दिया।

गौरतलब है कि मुरादाबाद में लंबे समय से ई-कचरा जलाने और गलाने का अवैध धंधा फल-फूल रहा है। देहात क्षेत्र मुगलपुरा, नागफनी और मझोला के जन्नत बाग जैसे इलाकों में रोजाना शाम होते ही अवैध भट्टियां जल उठती हैं। इन भट्टियों से निकलने वाला जहरीला धुआं पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लेता है, जिससे हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हद तक बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ई-कचरा गलाने से निकलने वाली जहरीली गैसों के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और सिर दर्द जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश भी था।

प्रशासन का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि जिलेभर में ऐसी अवैध भट्टियों और फैक्ट्रियों को चिन्हित करने का अभियान चलाया जा रहा है। जहां-जहां नियमों के खिलाफ ई-कचरा गलाने का काम पाया जाएगा, वहां बिना किसी चेतावनी के सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जाए।

प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध ई-कचरा कारोबारियों में डर का माहौल है, वहीं स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है और प्रशासन से इस मुहिम को लगातार जारी रखने की मांग की है।

सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडे ने कहा कि बिना लाइसेंस और अनुमति के ई-कचरा गलाने वाली फैक्ट्रियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें