Sitapur : बेसहारा गौवंश के रक्षक बने जिलाधिकारी, लापरवाही पर अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी

  • ठंड से गौवंश को बचाने और पौष्टिक आहार देने के निर्देश, विकास कार्यों की गुणवत्ता पर जोर
  • राजस्व और विकास विभाग के बीच समन्वय से सुलझेंगे मुद्दे, हर सोमवार होगी बड़ी बैठक

Sitapur : गौवंश संरक्षण और ग्रामीण विकास को लेकर जिलाधिकारी राजागणपति आर का कड़ा रुख सामने आया है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया कि गौआश्रय स्थलों के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भीषण ठंड को देखते हुए गौशालाओं में संरक्षित गौवंश के बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं और उन्हें पर्याप्त हरा चारा व पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए।

खबर की गहराई में जाएं तो जिलाधिकारी ने निराश्रित गौवंशों के संरक्षण हेतु व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की बात कही है।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों और पशु चिकित्सा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा बीमार पशुओं के समुचित उपचार की जिम्मेदारी सौंपी है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर चारागाह के लिए भूमि चिन्हित करने और गौशालाओं से संबंधित भुगतानों को समय से निपटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माणाधीन गौआश्रय स्थलों के कार्य में देरी या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने विकास खंडों के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों (BDO) को कड़े निर्देश दिए कि क्षेत्र की सभी विकास योजनाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए। अब प्रत्येक सोमवार को बीडीओ, ईओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी और सीडीपीओ जैसे प्रमुख अधिकारी संबंधित उपजिलाधिकारी के साथ बैठक कर राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा करेंगे। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि परिवार रजिस्टर की नकल जैसे कार्यों में जनता को परेशान न किया जाए और पात्रों को लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ समय से मिलना सुनिश्चित हो।

बैठक में जिला विकास अधिकारी संतोष नारायण गुप्त और डीसी मनरेगा चंदन देव पाण्डेय सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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