
- टेली कंसल्टेशन में फेल सीएचओ की खुली पोल।
- फरवरी से टीबी खोज अभियान को 100 दिन का सख्त अल्टीमेटम।
Kannauj : जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सामने आते ही प्रशासन सख्त मोड में आ गया है। कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) देवेन्द्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी ने लापरवाह अफसरों की जमकर क्लास ली। टेली कंसल्टेशन सेवाओं में खराब प्रदर्शन पाए जाने पर 10 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को तत्काल स्पष्टीकरण देने के निर्देश जारी किए गए। कार्रवाई की जद में दीक्षा यादव, सीखा पटेल, नायन, विमल कुमार, मधु, अश्वनी कुमार, अरुणा देवी, कृष्ण गोपाल, कपिल कुमाल और कुलदीप शामिल हैं।
सीडीओ ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि फरवरी से जिले में टीबी मरीजों की पहचान के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें किसी भी स्तर की ढीलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को अभी से माइक्रो प्लान तैयार कर अभियान को जमीन पर उतारने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वयं सहायता समूह की कैंटीन का लंबित भुगतान तत्काल कराने, बाहर की दवाएं लिखने पर रोक लगाने, जन औषधि केंद्रों से दवा देने और परिवार नियोजन (फैमिली प्लानिंग) के व्यापक प्रचार के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सीएमओ डॉ. स्वदेश गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।












