
Fatehabad : जिले के रतिया क्षेत्र के गांव महमदकी में खेत में काम करने गए युवक की बेरहमी से हत्या करने के मामले में रतिया पुलिस ने मृतक के पिता और सगे भाई को ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मृतक के पिता अवतार सिंह व बड़े भाई तरनजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों ने गांव के ही दो लोगों को एक लाख 20 हजार रुपए में सुपारी देकर हायर किया था। युवक अपने हिस्से की जमीन लेकर अलग रहना चाहता था, भाई और पिता इसी से नाराज थे।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि 18 जनवरी को गांव महमदकी निवासी अवतार सिंह ने पुलिस को झूठी सूचना दी थी कि उसके छोटे बेटे 28 वर्षीय जगविंद्र सिंह की किसी अज्ञात व्यक्ति ने खेत के कमरे में कस्सी से गला काटकर हत्या कर दी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरी कहानी रची थी कि वह किसी भोग कार्यक्रम से लौटा था और उसे घटना का पता गांव के अन्य लोगों के माध्यम से चला। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिद्धांत जैन ने तुरंत सीन ऑफ क्राइम टीम और थाना सदर रतिया प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद सिंह को गहनता से जांच के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पिता अवतार सिंह और बड़े भाई तरनजीत सिंह के बयानों में विरोधाभास मिला।
जब पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईं। एएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया कि अवतार सिंह और तरनजीत सिंह ने मिलकर ही जगविंद्र की हत्या की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद इन्होंने इसे अज्ञात व्यक्तियों द्वारा की गई हत्या का रूप देने की कोशिश की और खुद ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मृतक जगविंद्र सिंह तरनजीत से छोटा था। तरनजीत सिंह भी खेती करता है। जगविंद्र का गांव कमाना की युवती के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। लगभग 15 दिन पहले उसी युवती के साथ रिश्ता भी तय हुआ था। पांच महीने बाद वह 29 साल का होने वाला था, जिसके बाद शादी होनी थी।
थाना सदर रतिया प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कस्सी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया है।















