
US Tariff on France : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इस कदम का कारण फ्रांसिसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों द्वारा ट्रंप को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण ठुकराना माना जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर मैक्रों इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, तो वह अपनी वाइन और शैंपेन पर उच्च टैरिफ लगाएंगे, ताकि वह इसमें भाग लें। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि मैक्रों बहुत जल्दी पद छोड़ने वाले हैं, इसलिए उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है।
बोर्ड ऑफ पीस (Board of Peace) का गठन गाजा में युद्ध के बाद शांति, पुनर्निर्माण और स्थिरता लाने के उद्देश्य से किया गया है। इसकी अध्यक्षता खुद डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं। इस बोर्ड का मकसद गाजा के लिए एक अस्थाई फिलिस्तीनी प्रशासन का समर्थन देना, मानवीय सहायता का प्रबंधन करना और संघर्ष के बाद शासन व्यवस्था की देखरेख करना है। ट्रंप ने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी न्योता भेजा है, लेकिन अभी तक इन नेताओं की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, ग्रीनलैंड को लेकर भी अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव जारी है। ट्रंप इस क्षेत्र पर नियंत्रण की कोशिश कर रहे हैं, जबकि आठ यूरोपीय देशों ने इसका विरोध किया है। इस विवाद के चलते ट्रंप ने इन देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो अगले महीने से लागू होगा और संभव है कि इसे आगे भी बढ़ाया जाए।
डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का एक निजी संदेश भी साझा किया, जिसमें मैक्रों ने ईरान और सीरिया के मुद्दों पर ट्रंप से सहमति जताई, लेकिन ग्रीनलैंड में ट्रंप की नीति को लेकर अपनी असमंजसता व्यक्त की।














