
Prayagraj : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के मेला प्रशासन ने सोमवार रात ही प्रसिद्ध शंकराचार्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिससे धार्मिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर तनाव बढ़ गया है। यह मामला उस वक्त और भी गरम हो गया है, जब शंकराचार्य ने अपने समर्थन में कड़ा बयान देते हुए कहा कि जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगेगा, वे अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे और फुटपाथ पर ही रहेंगे।
शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि वह हर मेले में प्रयागराज आएंगे, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रहेंगे। उनका कहना है कि जब भी वह पवित्र स्नान के लिए गए हैं, तो पालकी में ही गए हैं। उन्होंने यह भी प्रण लिया कि मेले के दौरान कभी भी शिविर में नहीं रहेंगे, बल्कि फुटपाथ पर रहेंगे। इस बयान के बाद माघ मेले का प्रशासन एक्शन में आ गया है और स्वामीअविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस जारी कर दिया है।

प्रशासन का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, किसी भी धर्माचार्य का ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के रूप में पट्टाभिषेक नहीं हुआ है। इसके बावजूद, शिविर के बोर्ड पर खुद को शंकराचार्य प्रदर्शित करना इस आदेश का उल्लंघन है। नोटिस में 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
रातभर नोटिस लेकर पहुंचे कानूनगो को समर्थकों ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया और कहा कि सुबह आएं, अभी कोई पदाधिकारी नहीं है जो नोटिस प्राप्त कर सके। इस पूरे घटनाक्रम पर योगी सरकार का रवैया भी सवालों के घेरे में है। सरकार ने अचानक ही यह दिव्य ज्ञान प्राप्त किया कि स्वामीअविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य की उपाधि प्राप्त नहीं है, और तुरंत ही प्रशासन को आदेश दिया कि वह नोटिस चस्पा करे।

यह सब कुछ ऐसे समय में हुआ है जब पिछले ही दिनों स्नान विवाद ने प्रदेश को हिला दिया था। योगी सरकार की इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। विपक्षी दल इसे सरकार का धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास कह रहे हैं, जबकि समर्थक इसे धार्मिक आस्था का सम्मान बता रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ की सरकार और प्रशासन के इस कदम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके भीतर ‘इगो’ की लड़ाई जारी है। उनकी इसी आदत के चलते पार्टी, संगठन और यहां तक कि अपने ही समुदाय के नेताओं के बीच भी मतभेद और विभाजन की स्थिति बनी हुई है।
यह कहावत कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’ यहीं चरितार्थ होती दिख रही है। इस संघर्ष ने प्रदेश की धार्मिक और राजनीतिक स्थिरता को भी प्रभावित किया है, और आने वाले दिनों में इसकी जटिलता और बढ़ने की आशंका है।










