Fatehpur : एनजीटी के आदेश पर तालाबों की हुई जांच, मिला अवैध कब्जा!

  • फतेहपुर में राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से भूमाफियाओं ने कई तालाबों को प्लाटिंग कर बेचा

Fatehpur : फतेहपुर में कभी तालाबों और पोखरों के लिए पहचाने जाने वाले फतेहपुर जनपद में अब उन्हीं जलस्रोतों की कब्र पर अवैध तरीके से मोहल्ले बसते नजर आ रहे हैं। नगर क्षेत्र में तालाबों पर हो रहे अवैध कब्जों की शिकायतों पर माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा गठित 9 सदस्यीय जांच समिति की पड़ताल में तालाब पाटकर निर्माण, रकबे में फर्जीवाड़ा और सुनियोजित अतिक्रमण की गंभीर तस्वीर सामने आई है। जांच के शुरुआती निष्कर्षों से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

जांच समिति ने नगर क्षेत्र के विभिन्न गाटा संख्याओं में दर्ज तालाबों का मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज रकबे की तुलना में तालाबों का वास्तविक क्षेत्रफल काफी कम रह गया है। गाटा संख्या 2575, जिसका कुल रकबा करीब 14 बीघा दर्ज है, उसमें मौके पर मात्र लगभग 9 बीघा तालाब शेष मिला, जबकि शेष भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया। गाटा संख्या 2547 पर तालाब की भूमि को पुराई कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

इसी तरह गाटा संख्या 2520 (लगभग 9 बीघा) में से केवल 5 बीघा तालाब ही मौजूद है, बाकी हिस्से पर अतिक्रमण हो चुका है। गाटा संख्या 1708 एवं 1677, कुल लगभग 19 बीघा क्षेत्रफल के तालाबों पर भी अवैध कब्जे की पुष्टि जांच में हुई है।

तालाबों की वास्तविक स्थिति को लेकर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के अध्यक्ष एवं पर्यावरण पहरूवा प्रवीण पांडेय और युवा विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में सामाजिक संगठनों ने भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुस्लिम इंटर कॉलेज के पीछे, संस्कृत महाविद्यालय के पीछे तथा युवराज सिंह डिग्री कॉलेज के पीछे स्थित तालाबों पर पक्का निर्माण और मिट्टी भराव पाया गया।

जांच के समय राजस्व विभाग की टीम तहसीलदार अमरीश कुमार, नायब तहसीलदार, कानूनगो एवं संबंधित लेखपाल मौजूद रहे। इस पूरे प्रकरण को उजागर करने में फतेहपुर फोरम की अहम भूमिका बताई जा रही है, जिसकी लगातार शिकायतों के बाद मामला एनजीटी तक पहुंचा। पर्यावरण पहरूवा प्रवीण पांडेय ने कहा कि तालाब केवल जमीन नहीं, बल्कि भू-गर्भ जल संरक्षण और जनजीवन की रीढ़ हैं। समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो फतेहपुर गंभीर जल संकट की ओर बढ़ जाएगा।

जांच समिति ने सभी तथ्यों, नक्शों और राजस्व अभिलेखों का संकलन कर लिया है। समिति की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर तालाबों से अवैध कब्जे हटाने और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासनिक सख्ती के संकेत से तालाबों पर कब्जा जमाए बैठे भूमाफियाओं में खलबली मची हुई है।

इस मौके पर सामाजिक संगठनों की ओर से युवा विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा, जिला अध्यक्ष कंचन मिश्रा, गंगा समग्र के जिला संयोजक राम प्रसाद विश्वकर्मा, कानूनी समिति के सलाहकार महेंद्र त्रिपाठी, नेहरू युवा संगठन टीसी के अध्यक्ष राजेंद्र साहू, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के अध्यक्ष प्रवीण पांडेय, रूपम मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी और स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे।

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