जयपुर की सड़कों पर गूंजा सड़क सुरक्षा का बुलंद संदेश

जयपुर : जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर द्वारा जयपुर शहर में “सिग्नल्स स्पीक – ए मैसेज लाउडर दैन हॉर्न्स” कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन एवं जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में कला, प्रस्तुति और सामाजिक संदेश का रचनात्मक समन्वय देखने को मिला, जिसने आमजन को प्रभावशाली और सशक्त रूप से जोड़ने का कार्य किया।

कार्यक्रम की शुरुआत एक ऊर्जावान और जीवंत नृत्य प्रस्तुति से हुई, जिसने राहगीरों का ध्यान तुरंत आकर्षित किया और पूरे आयोजन का माहौल स्थापित किया। इसके पश्चात एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें लापरवाह वाहन चलाने, अत्यधिक हॉर्न बजाने और यातायात नियमों की अनदेखी के दुष्परिणामों को उजागर किया गया। सशक्त संवादों और जीवन से जुड़े दृश्यों के माध्यम से इस नाटक ने सड़क सुरक्षा और जागरूक व्यवहार के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

संदेश को और अधिक सशक्त बनाने के लिए छात्रों द्वारा गायन एवं लाइव जैमिंग सत्र प्रस्तुत किया गया। संगीत ने न केवल वातावरण को जीवंत बनाया, बल्कि जागरूकता, एकता और जिम्मेदारी के मूल विषय को भी मजबूती प्रदान की। इस प्रस्तुति ने विभिन्न वर्गों के लोगों को आकर्षित किया और कला के माध्यम से आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में डॉ. दनेश्वर शर्मा, प्रोफेसर एवं निदेशक (प्रभारी), जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, जयपुर; डॉ. वरुण चोतिया, प्रोफेसर एवं डीन (शैक्षणिक); तथा डॉ. लोकेश विजयवर्गीय, प्रोफेसर एवं डीन (छात्र कल्याण) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अपने संबोधन में डॉ. दनेश्वर शर्मा एवं डॉ. वरुण चोतिया ने आज के तेज़ रफ्तार शहरी जीवन में सड़क यातायात जागरूकता की तात्कालिक आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे कदम, जैसे ट्रैफिक सिग्नलों का पालन करना, अनावश्यक हॉर्न से बचना और सड़क नियमों का अनुपालन, सामूहिक रूप से कई ज़िंदगियाँ बचा सकते हैं और सुरक्षित व अनुशासित सड़कों के निर्माण में सहायक हो सकते हैं। उनके विचारों ने सामाजिक बदलाव में शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं की भागीदारी की भूमिका को सशक्त रूप से रेखांकित किया।

“सिग्नल्स स्पीक” एक सार्थक जन-जागरूकता पहल के रूप में उभरकर सामने आया, जिसने शहर के एक प्रमुख स्थल को संवाद और जागरूकता के मंच में परिवर्तित कर दिया। रचनात्मकता और उद्देश्य के संगम के माध्यम से इस आयोजन ने समाज तक अपना संदेश सफलतापूर्वक पहुँचाया और यह स्पष्ट किया कि सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार केवल एक नियम नहीं, बल्कि हमारी साझा नागरिक जिम्मेदारी है।

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