
Mainpuri : जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस और मजबूत कानून व्यवस्था के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में अपराधों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला मैनपुरी से सामने आया है, जहां देर रात खेतों की सिंचाई करने गए एक अधेड़ किसान की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। आखिर किसान की मौत हादसा है या सुनियोजित हत्या, यही सवाल अब जांच का विषय बन गया है।
पूरा मामला जनपद मैनपुरी के थाना कुर्रा क्षेत्र के ग्राम सेहा खुर्द का है। गांव निवासी बेचेलाल, उम्र करीब 50 वर्ष, बीते रविवार की शाम इंजन के सहारे बटाई पर लिए खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की सिंचाई करने गए थे। देर रात तक जब बेचेलाल घर नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हो गए। सुबह परिजन खेतों में तलाश करने पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। खेत में बेचेलाल का शव अर्धजली अवस्था में पड़ा मिला। आनन-फानन में इसकी सूचना थाना कुर्रा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के अर्धजले शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक राहुल मिठास और क्षेत्राधिकारी करहल अजय चौहान भी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि किसान की मौत आग से जलने के कारण हुई या फिर पहले हत्या कर शव को जलाने की कोशिश की गई। मृतक के परिजनों ने साफ तौर पर आरोप लगाया है कि बेचेलाल की जिंदा जलाकर हत्या की गई है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है।
मृतक के बेटे ने आरोप लगाते हुए बताया, “मेरे पिता रोज की तरह खेत पर सिंचाई करने गए थे। सुबह हमें उनका जला हुआ शव मिला। यह हादसा नहीं, उन्हें जिंदा जलाकर मारा गया है। हमें न्याय चाहिए।” परिजनों ने बताया कि मृतक बेचेलाल की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। फिर भी इस तरह की घटना होना साफ इशारा करता है कि यह एक सोची-समझी हत्या है। पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने के प्रयास में है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।










