
नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने न्यायिक सुधार के लिए अपनी तरफ से सुझाव देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने हिंदी में अपनी बातें रखी। चीफ जस्टिस ने भी उन्हें हिंदी में समझाते हुए कहा कि आप देश में और न्यायपालिका में बदलाव चाहते है, तो आपको ऐसी जनहित याचिका डालने की जरूरत नहीं है। आप बस एक पत्र मुझे लिखकर भेज दीजिए। आप हर केस को समय सीमा में निपटाने की बात कर रहे हैं, आपको समझना होगा कि इसमें जांच एजेंसी का भी रोल होता है। पुलिस और कोर्ट का काम दोनों अलग-अलग होता है। हम हर दिन एसएचओ को बुलाकर जांच के बारे में नहीं पूछ सकते हैं। आप कह रहे हैं कि एक साल में हर कोर्ट फैसला दे। आपको अंदाजा भी है कि इसके लिए कितने कोर्ट की जरूरत होगी।
कोर्ट ने याचिका को पब्लिसिटी के लिए दायर याचिका करार देते हुए कहा कि आप लॉन में मौजूद कैमरामैन के लिए याचिका मत डालिए। कुछ सुझाव है, तो मुझे पत्र लिख दीजिए।















