
- सदर तहसील की टीम ने पहुंचकर दी अंतिम चेतावनी
- टाउन हॉल को मुक्त कराने का काउंटडाउन शुरू
Sitapur : शहर की ऐतिहासिक विरासत ‘टाउन हॉल’ को अवैध कब्जों के जाल से आज़ाद कराने के लिए प्रशासन ने अब अंतिम शंखनाद कर दिया है। बार-बार दी गई चेतावनियों को अनसुना करने वाले कब्जाधारियों के खिलाफ आज फिर सदर तहसील की भारी-भरकम टीम ने टाउन हॉल परिसर में पहुंचकर कार्रवाई की। अधिकारियों ने दो टूक लहजे में साफ कर दिया कि यह आखिरी अल्टीमेटम है। इसके बाद प्रशासन का अगला कदम सिर्फ और सिर्फ कार्रवाई होगा।
तहसीलदार अतुल सिंह ने स्पष्ट कहा कि 24 जनवरी तक हर हाल में टाउन हॉल को खाली कर दिया जाए, अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
अधिकारियों के कड़े तेवर, आखिरी मोहलत खत्म
आज जब सदर तहसील के आला अधिकारी अपनी टीम के साथ टाउन हॉल पहुंचे, तो वहां का नजारा देखते ही बनता था। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अवैध कब्जाधारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि वे स्वयं अपना बोरिया-बिस्तर समेट लें। काफी समय से चली आ रही इस खींचतान में प्रशासन ने अब नरम रुख छोड़ दिया है।
मौके पर मौजूद टीम ने स्पष्ट किया कि टाउन हॉल शहर की धरोहर है और इस पर किसी भी तरह का निजी कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियत समय के भीतर अगर जगह खाली नहीं हुई, तो बलपूर्वक कार्रवाई कर परिसर को मुक्त कराया जाएगा।
विरासत बचाने की मुहिम, अब अंजाम तक पहुंचेगी बात
गौरतलब है कि टाउन हॉल को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन लंबे समय से प्रयासरत है, लेकिन कब्जाधारी हर बार कोई न कोई अड़ंगा लगा देते थे। पूर्व में दी गई नोटिसों और दौरों के बाद भी जब हालात नहीं सुधरे, तो आज की यह कार्रवाई निर्णायक मानी जा रही है।
शहर की इस ऐतिहासिक इमारत की खूबसूरती को वापस लौटाने के लिए तहसील प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद है। कब्जाधारियों को दिया गया यह ‘अंतिम अल्टीमेटम’ शहर भर में चर्चा का विषय बना हुआ है और माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों में टाउन हॉल का स्वरूप बदला हुआ नजर आएगा।
वहीं तहसीलदार को केवल एक ही कब्जेदार मिला, शेष लोग नहीं आए। सपा कार्यालय में भी कोई उपस्थित नहीं था।










