
नई दिल्ली : दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो नाइजीरियन नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग 5 करोड़ रुपये कीमत की 418 ग्राम कोकेन और एमडीएमए ड्रग्स की टैबलेट बरामद हुई हैं।
पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदौरा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फ्रैंक विटस और संडे ओटू के रूप में हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फ्रैंक विटस दक्षिण दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कोकेन और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा है और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
कैसे हुआ खुलासा और गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच ने सर्विलांस और छिपी हुई निगरानी के माध्यम से फ्रैंक विटस को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कोकेन और एमडीएमए ड्रग्स बरामद हुई। पूछताछ में फ्रैंक ने बताया कि ड्रग्स की सप्लाई में उसका साथी संडे ओटू शामिल है, जो महरौली इलाके में रह रहा है। इसके बाद पुलिस ने संडे ओटू को गिरफ्तार किया और उसके कमरे से ड्रग्स की 15 टैबलेट बरामद की।
संदीप ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पिछले दो वर्षों से दिल्ली में रह रहा था और फ्रैंक को ड्रग्स की सप्लाई करता था। दोनों ने खुलासा किया कि इस सिंडिकेट का सरगना नाइजीरिया में स्थित है और दिल्ली में ड्रग्स की डिलीवरी एक अफ्रीकी महिला के जरिए होती है।
पृष्ठभूमि और पहले का रिकॉर्ड
फ्रैंक विटस ने बताया कि वह 2012 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था और 2015 में एनसीबी ने एनडीपीएस केस में गिरफ्तार किया था। 2024 में जमानत मिलने के बाद उसने दोबारा ड्रग तस्करी शुरू की। वहीं, संडे ओटू ने बताया कि कपड़ों के व्यापार में घाटा होने के कारण उसने तस्करी शुरू की।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता करार दिया है।













