Lakhimpur Kheri : पलिया में सरकारी कंबलों की अनियमितता का आरोप, बार अध्यक्ष ने दी तहरीर, एसडीएम पर धमकी व छवि धूमिल करने का गंभीर आरोप

Lakhimpur Kheri : पलिया तहसील में सरकारी कंबल वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं और तहसील प्रशासन पर दबाव व धमकी के आरोप सामने आए हैं। पलिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार मेनरो एडवोकेट ने कोतवाली पलिया कलां में तहरीर देकर मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की है।

बार अध्यक्ष का आरोप है कि तहसील पलिया में लंबे समय से लेखपालों, निजी मुंशियों और बाहरी व्यक्तियों की सांठगांठ से अवैध धनउगाही, सरकारी अभिलेखों के दुरुपयोग और भूमि संबंधी अनियमितताएं की जा रही हैं, जिनका वे लगातार विरोध करते आ रहे हैं। इसी कारण तहसील प्रशासन के कुछ अधिकारी और कर्मचारी उनसे नाराज रहते हैं और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जाती रही हैं।

तहरीर के अनुसार, 14 जनवरी 2026 की शाम करीब 7:04 बजे प्रदीप कुमार मेनरो अपने जूनियर अधिवक्ता के साथ तहसील परिसर में पहुंचे, जहां उन्होंने एक ई-रिक्शा पर बिना किसी प्रविष्टि के पांच गांठ सरकारी कंबल ले जाते हुए देखा। पूछताछ करने पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद जब कंबल वितरण रजिस्टर की जांच की गई तो उसमें संबंधित कंबलों की कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं मिली। इसी दौरान ई-रिक्शा चालक मौके से फरार हो गया।

आरोप है कि मौके पर पहुंचे एक लेखपाल द्वारा मामले को लेकर गुमराह किया गया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। इसके बाद उसी शाम बार अध्यक्ष को उपजिलाधिकारी पलिया के नंबर से फोन कॉल आया, जिसमें कथित रूप से उन्हें धमकाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई। अगले दिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से बिना साक्ष्य उनके विरुद्ध नशे में होने का आरोप लगाए जाने का भी दावा किया गया है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और वकालत पेशे को नुकसान पहुंचा।

बार अध्यक्ष का कहना है कि 15 जनवरी को भी उन्हें फोन कर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन सुनियोजित तरीके से भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को संरक्षण दे रहा है और विरोध करने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

तहरीर देने के दौरान कोतवाली परिसर में अधिवक्ताओं की भारी मौजूदगी रही। पूर्व अध्यक्ष राम प्रकाश पाल, दीपक पांडे, विजय शर्मा, अरुण अवस्थी, धर्मराज शाक्य, विकास गुप्ता, राम भगत, कौशल किशोर, राजीव शुक्ला, जगदीश सोनी, पूर्व अध्यक्ष मधुसूदन तिवारी, अमित महाजन समेत दर्जनों की संख्या में अधिवक्ता पहुंचे और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। जब मामले से संबंधित एसडीएम पलिया के सीयूजी नंबर पर फोन किया गया लेकिन फोन नहीं उठा।

इस संबंध में कोतवाली प्रभारी पलिया पंकज त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर प्राप्त कर ली गई है। उच्च अधिकारियों से वार्ता कर मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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