
Prayagraj : माघ मेला में मौनी अमावस्या स्नान पर्व 18 जनवरी के अवसर पर प्रयागराज के सांसद उज्जवल रमण सिंह ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर शाही स्नान के लिए जाते समय जिस तरह शंकराचार्य जी को रोका गया और उनके साथ दुरव्यवहार किया गया, साथ ही उनके संतों और सहयोगियों के बाल पकड़कर घसीटा गया, वह गंगा-यमुना की पावन संगम भूमि पर सदियों से लगने वाले माघ मेले और कुंभ के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा अपमानजनक कृत्य है।
यह जानकारी देते हुए सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि इस घटना से सांसद उज्जवल रमण सिंह बेहद दुखी और आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का मुखिया स्वयं मठ का महंत हो, उसके शासन में संन्यासियों के केश पकड़कर घसीटे जाने की घटना अत्यंत निंदनीय है। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संतों के साथ दुरव्यवहार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।











