
Lucknow : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची अद्यतन (SIR) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने अपने फॉर्म में मोबाइल नंबर नहीं भरा है और तस्वीर नहीं लगाई है, उनका नाम संभावित रूप से मतदाता सूची से बाहर हो सकता है।
आयोग की गोपनीय समीक्षा में यह सामने आया है कि कुछ जिलों में औसत से काफी कम नाम ही सूची से हटाए गए हैं। इनमें ललितपुर, पीलीभीत, अमरोहा, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, गाज़ीपुर और अम्बेडकरनगर शामिल हैं। इन जिलों में मतदाता सूची से केवल 9.95% से 13.85% नाम ही हटाए गए, जबकि प्रदेश में औसत नाम कटने की दर 18.70% है।
विश्लेषण में यह भी पता चला कि कई बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) गणना फॉर्म जमा करते समय फोटो और मोबाइल नंबर अपलोड नहीं कर पाए, जिससे सूची में संभावित खामियां पैदा हुई हैं। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में मृतक, स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं के नाम भी सूची से हटाए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ आयोजित ऑनलाइन बैठक में कहा कि आयोग SIR डेटा का पूरी तरह विश्लेषण कर हर गलती पकड़ लेगा। उन्होंने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर शॉर्टकट या लापरवाही न बरती जाए। यदि खामियां समय पर ठीक नहीं की गईं, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
याद रहे कि यूपी में 6 जनवरी 2026 को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित हुई थी। इसमें, 27 अक्टूबर 2025 को फ्रीज की गई पिछली सूची की तुलना में 18.70% नाम हटा दिए गए। आयोग ने कहा कि अब सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। गणना चरण में जिन फॉर्म वापस नहीं आए, उन्हें हटा दिया गया था।
आयोग ने जिलेवार चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सभी मतदाता फॉर्म में फोटो और मोबाइल नंबर सही ढंग से भरें, ताकि किसी भी मतदाता का नाम गलती से कटने का जोखिम न रहे।
इस कदम से मतदाता सूची और भी अधिक पारदर्शी और सटीक होने की संभावना है, और आगामी चुनाव में सभी योग्य मतदाता सुरक्षित रूप से मतदान कर सकेंगे।











